नगर के चित्तू पांडेय चौराहा स्थित ओवर ब्रीज के नीचे लगी सब्जी की दुकाने।
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बलिया। लॉकडाउन में सब्जी उत्पादकों को काफी नुकसान हुआ। इसके बाद पिछले दिनों आई आंधी-बारिश से सब्जियों को नुकसान पहुंचाया। इसके चलते कई इलाकों में बारिश के कारण सब्जियों की आवक भी प्रभावित हुई है। इसके चलते सब्जियों के भाव भी बढ़ गए हैं।
जिले में गंगा, घाघरा व टोंस नदियों के किनारे के खेतों के अलावा दीयर क्षेत्र व अन्य खेतों में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। जिले के कई इलाकों से हरी सब्जियां आसपास के जिलों के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार व कोलकाता तक भी जाती हैं। लेकिन लॉकडाउन में वाहनों की आवाजाही रुकने के कारण जनपद में सब्जियों का भाव इस कदर गिर गया कि कई इलाकों में तो सब्जी उत्पादकों ने सब्जियों केे मवेशियों तक को खिलाना शुरू कर दिया। इस बीच पिछले दिनों आई आंधी-पानी से सब्जी की खेती काफी प्रभावित हुई और कई जगहों पर फसलों को क्षति भी पहुंची। हरी सब्जियों के भाव बारिश के बाद दोगुने हो गए हैं सबसे ज्यादा बारिश से नुकसान लौकी, नेनुआ, भिंडी, करैली आदि पर हुआ है। सब्जियों के भाव बढ़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। सब्जी उत्पादकों को उम्मीद है बची फसलों से शायद कुछ लागत निकल जाए।
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सब्जियों के भाव--
सब्जी थोक में पहले अब
भिंडी 250-300 500-600 प्रति कुंतल
परवल 500-550 900-1000 प्रति कुंतल
बैगन 250-300 800-900 प्रति कुंतल
नेनुआ 200-300 900-1000 प्रति कुंतल
लौकी 100-150 300-400 प्रति सैकड़ा