क्षेत्र के बघौना गांव में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से लगी आग में दो दर्जन रिहायशी झोपड़ी जलकर राख हो गई। तेज हवा की वजह से आग ने भीषण रूप धारण कर लिया और देखते ही कई घर आग की भेंट चढ़ गई। आग से दो गायों की मौत हो गई वहीं चार गंभीर रूप से झुलस गई। फायर सर्विस की दो गाड़ियां घंटों मशक्कत के बाद किसी प्रकार आग पर काबू पाया। तब तक सभी झोपड़ी जलकर राख में तब्दील हो गया था।
बभौना गांव के दक्षिण तरफ हरिजन बस्ती में विनोद राम के घर से गुरुवार की दोपहर अचानक आग की लपटें उठने लगी। तेज पछुआ हवा के चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते लखराज, उमाशंकर, ओमप्रकाश, रेखा, दशरथ, हंसराज, कैलाश खरवार, मुन्ना, बबुआ, उमेश, तूफानी, गुड्डू, झुन्नू, मुन्ना, शिव विनायक आदि की रिहायशी झोपड़ियाें को भी अपनी आगोश में ले लिया। झोपड़ी में रखे अनाज, बिस्तर, बर्तन, नकदी सहित अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गए।
आग में विनोद राम की गाय और शिव जी की गाय जलकर मर गई। जबकि अन्य चार गाय झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गई। बगल में ही स्थित में खेत मुख्तार, जवाहिर एवं रमेश की गेहूं की खड़ी फसल दो बीघा जलकर राख हो गई। पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए हैं।