बलिया। सरकारी विभागों में मार्च क्लोजिंग को लेकर गहमागहमी चल रही है। अधिकारी और बाबू धन खपाने में लिए तमाम विधि अपना रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में कुछ ज्यादा ही गतिविधि चल रही है।
जिम्मेदार अधिकारी और बाबू पिछले कई दिनों से भूमिगत होकर क्लोजिंग निपटाने में लगे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय में मंगलवार की शाम टेंडर की फाइल दबाने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित दो ठेकेदारों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कार्यक्रम अधिकारी संग गाली गलौज करते हुए अभद्रता की। विभाग में इसको लेकर हंगामा मचा है।
एनएचएम के जिला कार्यक्रम अधिकारी डा. आरबी यादव ने दो ठेकेदारों पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हैं। जिस फाइल दबाने को लेकर डीपीएम से विवाद हुआ है, उसका पिछले सात वर्षों से टेंडर नहीं हुआ हैं। जिम्मेदार अधिकारी व बाबू शासनादेश को दरकिनार कर बिना टेंडर के जेम पोर्टल या लोकल बाजार से खरीदारी करते हैं। प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस का दावा बलिया स्वास्थ्य विभाग में पूरी तरह से फेल हैं। तमाम जांचों के बावजूद किसी पर कठोर कार्रवाई नहीं हो रही हैं।
इस बाबत डीपीएम आरबी यादव ने कहा कि कुछ लोगों ने गलत कार्य करने का दबाव बना रहे थे। काम न करने पर उन्होंने अभद्रता की हैं। कोतवाल राजीव सिंह ने बताया कि डीपीएम की शिकायत पर मामले की जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की प्रकिया चल रही हैं।