बलिया। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित बोर्ड परीक्षा में बुधवार को हाईस्कूल और इंटर की हिंदी विषय की परीक्षा हुई। प्रथम पाली में हाईस्कूल और द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट की परीक्षा हुई।
दोनों पालियों के लिए 119108 परीक्षार्थी नामांकित थे। इसमें से 8963 अनुपस्थित रहे। नामांकित बच्चों के सापेक्ष करीब 7.5 प्रतिशत परीक्षा केंद्रों तक ही नहीं पहुंचे। परीक्षा में कड़ाई का असर हिंदी विषय में ही देखने को मिला। पूर्व की बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय की परीक्षा में समान्यत: अनुपस्थिति काफी कम देखने को मिलती रही है।
हाईस्कूल हिंदी में कुल पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या 57936 थी। इसमें से 4748 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में हुई इंटरमीडिएट हिंदी विषय की परीक्षा के लिए 61172 नामांकन थे। कुल 4215 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। 8963 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। बोर्ड परीक्षा के पहले दिन प्रशासन की मुस्तैदी का सकारात्मक असर देखने को मिला।
जनपद के कुल 132 निर्धरित परीक्षा केंद्रों में किसी भी परीक्षा केंद्र से गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। केंद्रों पर पुलिस व्यवस्था चाकचौबंद रही। प्रशासनिक अमला परीक्षा की शुचिता को लेकर काफी चौकस रहा। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का चक्रमण किया। परीक्षा शांतिपूर्वक माहौल में संचालित हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर लोग, जो अपने बच्चों को लेकर आए थे उनमें भी किसी प्रकार की चहलकदमी देखने को नहीं मिली।
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परिषदीय विद्यालय के 40 प्रतिशत कक्ष निरीक्षक नहीं आए
बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 5800 कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई है। इसमें करीब 2500 कक्ष निरीक्षक बेसिक शिक्षा के हैं। परिषदीय विद्यालय के करीब 40 प्रतिशत शिक्षक अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। इससे परीक्षा संचालन में बाधा उत्पन्न हुई। कुछ केंद्र के कक्षों में एक-एक कक्ष निरीक्षक से ही काम चलाना पड़ा। डीआईओएस कार्यालय स्थित बोर्ड परीक्षा के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम में भी कई शिक्षक अपनी ड्यूटी पर नहीं आए। डीआईओएस देवेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि कितने कक्ष निरीक्षक अपनी ड्यूटी पर नहीं आए, इसका आंकड़ा निकाला जा रहा है। इसके बाद जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को पत्र जारी किया जाएगा। वे समय से ड्यूटी करें, अन्यथा कार्रवाई का रास्ता खुला है।
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परीक्षा केंद्रों की निगरानी बड़े स्क्रीन पर करें
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम पहुंचकर परीक्षा केंद्रों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए। कंट्रोल रूम में कंप्यूटर के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही थी। जिलाधिकारी ने बड़ी स्क्रीन लगवाकर उसी पर सभी केंद्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुंवर सिंह इंटर कॉलेज स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। सीसीटीवी स्क्रीन पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट कक्ष तथा विभिन्न परीक्षा कक्षों की लाइव निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया।
एसडीएम और अधिकारियों ने रखी नजर
बैरिया/जयप्रकाशनगर/रेवती/दया छपरा। बैरिया तहसील क्षेत्र के 22 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच यूपी बोर्ड की परीक्षा शुरू हुई। एसडीएम आलोक प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी मो. फहीम कुरैशी, तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार और अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया। एसडीएम नश्री नरहरि बाबा इंटर कॉलेज व कर्ण छपरा पहुंचे। व्यवस्थाओं में मामूली कमियां पाईं। केंद्र व्यवस्थापक को चेतावनी दी।
बिना रजिस्ट्रेशन कार्ड परीक्षा देने पहुंचे छात्र, हुए परेशान
दया छपरा। आदर्श इंटर कॉलेज मझौवां के परीक्षा केंद्र पर ज्ञांति देवी जीआईसी गायघाट के छात्रों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है। ज्ञांति देवी जीआईसी के किसी भी छात्र के पास रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं है। मात्र प्रवेश पत्र के सहारे छात्र परीक्षा केंद्र पर आ गए। इससे नाराज आदर्श इंटर कालेज मझौवां के केंद्र व्यवस्थापक अनिल सिंह ने छात्रों को परीक्षा में बैठने से मना कर दिया। बाद में छात्रों के भविष्य को देखते हुए केंद्र व्यवस्थापक अनिल सिंह ने परीक्षा देने के लिए अनुमति प्रदान की। केंद्र व्यवस्थापक अनिल सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रवेश पत्र के साथ ही रजिस्ट्रेशन पत्र जरूरी होता है। ज्ञांति देवी जीआईसी गायघाट के कुल 350 छात्रों के पास रजिस्ट्रेशन कार्ड नहीं है। छात्रों के भविष्य को देखते हुए प्रथम दिन अनुमति प्रदान की गई है।