माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं गुरुवार से आरंभ हो गई। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल ऐप की तकनीक का सहारा लिया गया जिसके जरिए आधे घंटे के अंदर छात्रों की उपस्थिति का पूरा ब्यौरा सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंचाना था।
लेकिन पहले ही दिन हाईस्कूल प्रथम पाली की परीक्षा तथा द्वितीय पाली में इंटरमीडिएट हिंदी प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा में अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर यह व्यवस्था फ्लॉप साबित हुई। पहले दिन की परीक्षा में प्रशासनिक तथा शिक्षा विभाग के ज्यादातर अधिकारी केंद्राें पर नहीं पहुंच सके।
यही वजह रही कि इंटरमीडिएट की हिंदी परीक्षा में भी छात्र बेखौफ हो नकल करने में मशगूल दिखे। सड़क से पांच-सात किलोमीटर अंदर बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कहीं भी सेक्टर मजिस्ट्रेट अथवा जोनल मजिस्ट्रेट नहीं दिखाई दिए।
बोर्ड परीक्षा को नकल मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने काफी दिनों से तैयारी की थी। लेकिन नकल के खेल को रोकने में जिला प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया। बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में डीएवी इंटर कॉलेज में पंजीकृत 233 छात्रों में 161 ने परीक्षा छोड़ दी।
वहीं देवराज इंटर कॉलेज पशुहारी में पंजीकृत 271 छात्रों में 29 ने परीक्षा नहीं दी। वहीं जयप्रकाशनगर संवाददाता के अनुसार हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में दो केंद्र जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम और नरहरी बाबा इंटर कॉलेज करन छपरा में परीक्षार्थियों के सापेक्ष कक्ष निरीक्षकों की कमी रही।
प्रशासन भी चुस्त-दुरुस्त नहीं दिखा। दुबहर क्षेत्र के खेमनछपरा नगवां इंटर कॉलेज, दुबहर इंटर कालेज आदि जगहों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नगवां इंटर कॉलेज में 756 छात्र-छात्राओं में 64 अनुपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा भेजे गए कक्ष निरीक्षकों के न जाने से केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा कराने में बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ा।
चिलकहर क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों परीक्षा के पहले ही दिन नकल माफिया हावी रहे। क्षेत्र के रामाज्ञा सिंह इंटर कालेज कुरेजी में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में डीआईआएस ने चार नकलचियों को पकड़ा। बैरिया प्रतिनिधि के अनुसार परीक्षा के पहले दिन ही जमकर नकल हुई।
बाहर से लिखित पेपर क्लास तक खिड़कियों के सहारे आते-जाते रहे। वहीं नकल माफिया खिड़की पर झूलते नजर आए। परीक्षा केंद्रों पर काफी कम संख्या में पुलिस तैनात थी। कहीं एक पुलिसकर्मी व होमगार्ड के सहारे परीक्षा केंद्र संचालित हो रहा था तो कहीं सिर्फ होमगार्ड के सहारे ही परीक्षा संचालित हो रही थी।
ऐसे में नकल माफिया पुलिस कर्मियों के सामने भारी नजर आए और बिना किसी डर के खिड़कि यों पर झूलकर नकल कराते रहे। कई कक्षा में भी नकल माफिया प्रश्नपत्र हल करते देखे गए।
क्षेत्र के प्राय: सभी परीक्षा केंद्र का हाल यही रहा। इस बाबत उपजिलाधिकारी देवेश कुमार गुप्त ने कहा कि तहसील प्रशासन की तरफ से जितना भी हो सका, नकल रोकने का प्रयास किया गया। कुछ जगहों पर पुलिस कर्मियों कमी जरूर खल रही थी। बावजूद आगे किसी भी हालत में नकल नहीं होने दी जाएगी।
बांसडीहरोड संवाददाता के बच्चू राम हीरालाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छाता पर गुरुवार को हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में 457 परीक्षार्थियों में से 35 अनुपस्थित रहे। केंद्र व्यवस्थापक किरण कुमार सिंह ने बताया कि नौ कक्ष में 13 कक्ष निरीक्षक की देखरेख में परीक्षा संपन्न कराई गई।
विभाग द्वारा जारी किए गए विभिन्न विद्यालयों के 12 कक्ष निरीक्षक के नहीं पहुंचने से परीक्षा विकल्प व्यवस्था में कराई गई। इंटर कालेज दिउली के केंद्र व्यवस्थापक डा. विश्वरंजन सिंह ने बताया कि हिंदी परीक्षा में 132 छात्र में नौ अनुपस्थित रहे। शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए विद्यालय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
नकल पर नहीं लग सकी नकेल
नगरा। यूपी बोर्ड परीक्षा द्वारा संचालित इंटरमीडिएट की हिंदी प्रथम की परीक्षा में जिला विद्यालय निरीक्षक रमेश सिंह ने नगरा क्षेत्र के आधे दर्जन स्कूलों से बीस छात्रों को नकल करते पकड़और निष्कासित कर दिया। इसके बावजूद क्षेत्र में नकल पर कोई असर नहीं पड़ा। केंद्र व्यवस्थापकों को जारी क्यूआरसी सिम फेल रहा। भीमपुरा और नगरा क्षेत्र में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा व्यवस्था तार-तार रही। प्रशासन के सारे दावे फेल नजर आए।