फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Board: 7.5 % ने छोड़ी परीक्षा...हाईस्कूल में हिंदी, विज्ञान में सबसे ज्यादा अनपुस्थिति रही; सुरक्षा दुरुस्त

Thu, 12 Mar 2026 08:59 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा में हिंदी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय के पेपर में अनुपस्थित बच्चों की संख्या ज्यादा रही। परीक्षा में नामांकन के सापेक्ष करीब 9589 बच्चे अनुपस्थित रहे। प्रायोगिक परीक्षा के साथ ही लिखित परीक्षा भी बिन व्यवधान खत्म हो गई।
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026... - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

UP Board Exam: यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट की संस्कृत परीक्षा के साथ संपन्न हो गई। परीक्षा के दौरान सुरक्षाबलों की चाकचौबंद व्यवस्था रही। इसके पूर्व प्रयोगात्मक परीक्षा कराई गई। इसमें में भी व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ।

विज्ञापन


हालांकि परीक्षा के दौरान करीब साढ़े सात प्रतिशत बच्चे उपस्थित ही नहीं हुए। विशेषकर हिंदी और विज्ञान की परीक्षा में परीक्षार्थियों की संख्या कम रही। बोर्ड परीक्षा में कुल करीब एक लाख 19 हजार बच्चों का नामांकन था। जिसमें हाईस्कूल के 58 हजार और इंटरमीडिएट के करीब 61 बच्चे शामिल हैं। इसमें से हाईस्कूल के 4942 और इंटरमीडिएट के करीब 4347 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। इस प्रकार बोर्ड परीक्षा में नामांकन के सापेक्ष करीब साढ़े सात प्रतिशत बच्चे अनुपस्थित रहे।

अफसर करते रहे चक्रमण

जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार हाईस्कूल में हिंदी और विज्ञान विषय की परीक्षा में सबसे ज्यादा अनपुस्थिति रही। वहीं इंटरमीडिएट की परीक्षा में हिंदी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषय में अनुपस्थित बच्चों की संख्या सर्वाधिक रही।

इस बार बोर्ड की परीक्षा के लिए 132 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों को लेकर भी किसी तरह का विवाद उत्पन्न नहीं हुआ। परीक्षा निर्धारित तिथि 19 फरवरी से 12 मार्च तक चली। प्रयोगात्मक परीक्षा में भी व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ। पिछले साल इसमें गड़बड़ी आई थी। बिना बोर्ड की अनुमति ही एक शिक्षक दूसरे जनपद में प्रयोगात्मक परीक्षा लेने पहुंच गए थे। जिसकी जानकारी होने पर जनपद की काफी भद्द पिटी। हालांकि बाद में उसे मैनेज किया गया। लेकिन इस साल इस तरह की भी गड़बड़ी देखने को नहीं मिली। अंतिम दिन मार्च 12 को इंटरमीडिएट की परीक्षा संपन्न कराई गई।

परीक्षा के पहले दिन कम रहे शिक्षक
परीक्षा के प्रथम दिन कक्ष निरीक्षकों को लेकर थोड़ी दिक्कत जरूर हुई, लेकिन उसे भी समय रहते ठीक कर लिया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड परीक्षा में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन उनमें से अधिकतर शिक्षक परीक्षा ड्यूटी करने ही नहीं पहुंचे। जिससे अव्यवस्था दिखी। लेकिन जिला विद्यालय निरीक्षक देवेंद्र कुमार गुप्ता और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी मनीष सिंह की तत्परता के चलते व्यवस्था को संभाल लिया गया। परीक्षा के प्रथम दिन के बाद से स्थिति सामान्य हो गई।
विज्ञापन

सख्ती के चलते नकल पर लगी नकेल
बोर्ड परीक्षा में प्रशासन की खासी सख्ती रही। जिससे परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावक व नकल कराने वाले गायब रहे। दो साल पहले तक यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल कराने वालों का बोलबाला हिता था। प्रश्न पत्र आउट कराने की भी घटनाएं होती थीं। लेकिन बोर्ड और शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद नकलविहीन परीक्षा संपन्न हो सकी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें