बलिया। शहर से रोज निकलने वाले करीब 50 टन कूड़े के निस्तारण को लेकर नगर पालिका परिषद की परेशानी बढ़ती जा रही है। डंपिंग स्थल की तलाश में दो साल गुजरने के बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
अस्थायी व्यवस्था के सहारे कूड़ा निस्तारित किया जा रहा है। बनरही में ग्रामीणों के विरोध के बाद अब बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र पर कूड़ा डाला जा रहा है। वहां पहले से कूड़ा भरा होने के कारण जेसीबी से उसे ऊंचा कर टीला बनाया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक यहां भी दो-तीन दिन ही कूड़ा गिराया जा सकेगा। इसके बाद फिर समस्या खड़ी हो जाएगी।
नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि प्रतिदिन सुबह इस बात पर मंथन करना पड़ता है कि उस दिन कूड़ा कहां डंप किया जाए। स्थायी अधिशासी अधिकारी की लंबे समय से तैनाती न होने से भी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। फिलहाल सिटी मजिस्ट्रेट को प्रभारी ईओ की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन की ओर से जल्द भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता रहा है। सभासदों ने बोर्ड बैठक में कूड़ा डंपिंग स्थल के लिए भूमि खरीदने का प्रस्ताव भी पारित किया है।
करोड़ों रुपये की लागत से बने बसंतपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र का संचालन करीब आठ माह से ठप है। इसके कारण शहर से निकलने वाले कूड़े में करीब 80 प्रतिशत का ही निस्तारण हो पा रहा है, जबकि 20 प्रतिशत कूड़ा शहर में ही रह जाता है।
-
इन स्थलों पर पड़ा रहता है कूड़ा
जीजीआईसी, विकास भवन के पूरब, जापलिनगंज दुर्गा मंदिर, हरपुर मिड्ढी, मालगोदाम, गुलाब देवी और पशु अस्पताल के सामने समेत कई स्थानों पर कूड़ा पड़ा रहता है।
त्योहारों में बढ़ेगा कूड़े का बोझ
चार दिन बाद त्योहारों का सीजन शुरू होने से शहर में कूड़े की मात्रा करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में जल्द डंपिंग स्थल नहीं मिलने पर समस्या और गंभीर हो सकती है। सफाई इंस्पेक्टर नदीम ने बताया कि त्योहारों में कूड़ा काफी बढ़ जाता है।
कूड़ा डंपिंग स्थल के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। जल्द समाधान किया जाएगा। बसंतपुर केंद्र के पास नगर पालिका की भूमि है, फिलहाल पानी निकलने का इंतजार है। अन्य स्थानों पर भी भूमि तलाश की जा रही है।
- आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी ईओ, नगर पालिका परिषद बलिया