बलिया। ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व से परिपूर्ण 5 नवंबर को होने वाले कार्तिक पूर्णिमा स्नान की तैयारी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से श्रीरामपुर घाट पर आने व जाने के लिए दो मार्ग बनाया जाएगा, जिससे गंगा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो।
रविवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह व पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने महावीर घाट से श्रीरामपुर घाट का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा के तैयार किए गए मैप का अवलोकन किया और निर्देश दिए कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। श्रीरामपुर घाट से स्नान स्थल तक के रास्ते में प्रकाश एवं स्वच्छता व्यवस्था को विशेष रूप से दुरुस्त किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस बार श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने के लिए दो स्नान मार्ग बनाया जाए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव मिले।
श्रद्धालुओं के लिए टेंट, पेयजल और सुरक्षा के होंगे विशेष इंतजाम : जिलाधिकारी ने खुले आसमान के नीचे रात बिताने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार अधिक संख्या में टेंट लगाए जाने का निर्देश दिया। बताया कि पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था हेतु पानी के टैंकर और अन्य साधन लगाए जाएंगे। तट सुरक्षा के लिए स्नान घाट पर विशेष टीम तैनात की जाएगी, बैरिकेडिंग की जाएगी और नावों की भी व्यवस्था की जा रही है।
महिलाओं के लिए बनाए जाएंगे 50 बड़े चेजिंग रूम : जिलाधिकारी ने स्नान करने वाली महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार अधिक संख्या में शौचालय और 50 बड़े-बड़े चेंजिंग रूम बनाए जाने के निर्देश दिए। इस वर्ष सांस्कृतिक संध्या में शास्त्रीय संगीत, भजन और शास्त्रीय नृत्य जैसे कार्यक्रमों को विशेष महत्व दिया जाएगा। वहीं, पूरे कार्तिक पूर्णिमा क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। साथ ही गंगा आरती विशेष आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को एक दिव्य और भव्य अनुभव प्रदान करेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर लिया जाए।