अब लावारिस पशुओं की भी देखभाल की जाएगी और जिले के एक पशु अस्पताल पर बतौर पशु आश्रय स्थल रुग्णालय का निर्माण किया जाएगा। खासकर सड़क पर य किसी अन्य कारणों से घायल होने की दशा में लावारिस पशुओं के इलाज की व्यवस्था होगी। शासन के निर्देश पर पशुपालन विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है और बैरिया क्षेत्र के भगवानपुर पशु अस्पताल की जमीन को चिह्नित भी कर लिया है।
लावारिस पशुओं की सुरक्षा को लेकर कोई इंतजाम नहीं होने के कारण आए दिन बीमारी व चोट लगने लगने की वजह से पशु सड़कों पर ही दम तोड़ देते थे। इसके अलावा लावारिस पशुुओं के खेत आदि की चराई पर भी लोग उसे मारकर घायल कर देते थे । खासकर शहरी इलाकों में भी जहां-तहां लावारिस पशु बीमार होकर पड़े रहते हैं और इलाज के अभाव में कुछ दिनों बाद दम तोड़ देते हैं। लेकिन अब लावारिस पशु इलाज के अभाव में दम नहीं तोड़ेंगे क्योंकि शासन ने इसके देखभाल की तैयारी कर ली है।
जिला पशु चिकित्साधिकारी की मानें तो लावारिस पशुओं के देखभाल के लिए शासन से निर्देश प्राप्त हो गया है। इसके तहत किसी एक पशु अस्पताल जहां पर्याप्त जमीन हो वहां पशु आश्रय स्थल रुग्णालय का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए बैरिया क्षेत्र के भगवानपुर में स्थित पशु अस्पताल परिसर की जमीन को चिह्नित कर लिया गया है और जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बताया कि शासन से अनुमोदन तथा धनराशि मिलने के बाद रुग्णालय का कार्य शुरु हो जाएगा।
रुग्णालय पूरी तरह से हाईटेक होगा। यहां पशुओं के इलाज से संबंधित आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। जिला पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि फिलहाल एक पशु एंबुलेंस होगा, जों पशुओं के प्राथमिक इलाज से संबंधित सभी तरह के उपकरण से लैस होगा। किसी भी इलाके में लावारिस पशु के घायल होने की सूचना पर यह एंबुलेंस से पशु चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचेगे और इलाज करेंगे। जरुरत पड़ने पर एंबुलेंस से घायल पशु को रुग्णालय लाकर समुचित देखभाल भी करेंगे।