जो ट्रांसफार्मर लगाया ही नहीं गया, उसके लिए दो बार प्रस्ताव भेजकर विधायक निधि से दो लाख 37 हजार रुपये ले लिए गए। मामला तब खुला जब तीसरी बार उसी ट्रांसफार्मर के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया और विधायक ने गड़बड़ी पकड़ ली। बसपा विधायक उमा शंकर सिंह की शिकायत पर प्रमुख ऊर्जा सचिव ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी को तत्काल इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रमुख सचिव को भेजे गए पत्र में उमाशंकर सिंह ने आरोप लगाया है कि विधायक निधि से वर्ष 2012-13 और 2013-14 में रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर धोखे से दो लाख 37 हजार रुपये ले लिए।
यही नहीं, उसी स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाने के नाम पर 2014-15 में जब तीसरी बार प्रस्ताव बनाकर धन स्वीकृत कराने का प्रयास किया गया तब मैंने गड़बड़ी पकड़ ली। जब मौके पर जाकर देखा गया तो सच्चाई सामने आ गई। वहां एक बार भी ट्रांसफार्मर लगाया ही नहीं गया। विधायक के अनुसार बिजली विभाग के अधिकारियों ने पहली बार 85 हजार रुपये स्वीकृत कराया और दूसरी बार एक लाख 52 हजार रुपये ले लिए गए।