बैरिया। छपरा-बलिया रेलखंड पर रविवार को भी ट्रेनों का आवाजाही लगभग ठप रही। अप में सारनाथ एक्सप्रेस छोड़कर कोई ट्रेन दिन में नहीं चली। सैकड़ों यात्री परेशान हुए। रेलवे को भी भारी आर्थिक क्षति हो रही है। छपरा-वाराणसी पैसेंजर ट्रेन, छपरा-औड़िहार पैसेंजर ट्रेन, उत्सर्ग एक्सप्रेस, लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस रविवार को भी रद्द कर दी गई।
बलिया-सियालदह एक्सप्रेस को को छपरा से चलाया गया। स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस, साबरमती डाउन एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन कर मऊ-भटनी के रास्ते चलाया गया। यह क्रम विगत आठ फरवरी से ही बना हुआ है। फलस्वरूप रेलवे को करोड़ों की क्षति हो चुकी है। वहीं, लोगों को भी अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यह निर्णय जनहित के विपरीत है। रेलवे को कासन के सहारे ट्रेनों को चलाना चाहिए।
स्टेशन अधीक्षक सुरेमनपुर एलपी वर्मा का कहना है कि बकुलहा, सुरेमनपुर व सहतवार में दोहरीकरण व दूसरे रेलवे ट्रैक पर केबल और तार का काम हो रहा है। इससे 28 फरवरी तक इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। दूसरी तरफ यूटीएस चलाने वाले कर्मियों का कहना है कि सुरेमनपुर में प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख रुपये का जनरल टिकट बिकता है, जो इन दिनों बंद पड़ा हुआ है। आठ फरवरी से अब तक अकेले सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपए का टिकट नहीं बिका है।