बलिया। पीड़िता एवं उसकी लड़कियों से जबरियन काम कराने व मारपीट कर घायल करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट प्रमोद कुमार गंगवार ने अभियुक्त शैलेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह एवं अमरेंद्र सिंह को दोषी पाया। चार-चार साल की सजा सुनाई।
उभांव थाना अंतर्गत हल्दी रामपुर गांव में 26 अप्रैल 2005 को सरस्वती देवी ने थाने में तहरीर दर्ज कराई थी। वादी ने आरोप लगाया कि अपने खेत में निराई का काम कर रही थी।
इस दौरान गांव के अमरेंद्र, शैलेंद्र एवं नरेंद्र आए और गालियां देने लगे। उनसे बचकर वह घर में भाग गई। वहां भी तीनों पहुंच गए और घर में घुस कर मुझे व मेरी बेटियों को मारपीट कर घायल कर दिया। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गलियां दीं। खेत में वे काम करने के लिए दबाव बनाते रहे।
मामले में अदालत ने 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की धनराशि को 60 प्रतिशत पीड़िता एवं चोटिल को क्षतिपूर्ति दिलाने का आदेश दिया। जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अभियुक्तों को अतिरिक्त छह महीने की सजा भुगतनी पड़ेगी।