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तीन सदस्यों ने किया कंपेनियन वोट के लिए आवेदन

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बलिया। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा और सपा में कंपेनियन वोट के लिए भी सुगबुगाहट होने लगी है। इसके लिए दोनों ही दलों में जोर आजमाइश चरम पर है। सपा को डर है कि उसके कुछ जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बनाया जा सकता है। इस बार जिला पंचायत बोर्ड में चार निरक्षर सदस्य भी चुनाव जीत कर आएं है। इन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में मतदान के लिए प्रतिनिधि की जरूरत पड़ेगी। इन तीन सदस्यों ने सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं सीआरओ विवेक कुमार श्रीवास्तव को कंपेनियन वोट के लिए आवेदन दे रखा है।
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बलिया में जिला पंचायत सदस्यों को 58 सीटें हैं। उनमें भाजपा केवल 11 सीट जीतकर आई है। प्रमुख दलों में सपा के 10, सुभासपा के 9, निर्दलीय 14, कांग्रेस के तीन और बसपा के 10 सदस्य चुने गए हैं। पिछले कुछ दिनों पर नजर डालें तो सपा के खुल कर मैदान में आने के बाद पूरा समीकरण ही बदल गया है। सत्ताधारी दल को कड़ी टक्कर मिल रही हैं। हालांकि अध्यक्ष पद के चुनाव में अभी कई ऐसे दांव-पेंच हैं, जो आजमाए जाने हैं। उसमें से सबसे अहम कंपेनियन वोट भी है। कोई भी जिला पंचायत सदस्य जो निरक्षर हो, बीमारी या अन्य कारणों से व्यक्तिगत रूप से वोट डालने में असमर्थ है तो वह अपने किसी रक्त संबंध वाले व्यक्ति को मतदान के लिए अधिकृत कर सकता है। इसके लिए संबंधित जिला पंचायत सदस्य को निर्वाचन अधिकारी के समक्ष लिखित रूप में आवेदन देना होता है। सपा को इस बात का डर सता रहा है कि उसके कुछ जिला पंचायत सदस्यों को कंपेनियन वोट के लिए बाध्य किया जा सकता है।
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ऐसे पड़ता है वोट
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान बैलेट पेपर मुहर लगा कर नहीं होता बल्कि वोटर यानी जिला पंचायत सदस्य एकल संक्रमणीय प्रणाली वोट डालते हैं। यानी पसंदीदा प्रत्याशी के आगे मतदाता जिला पंचायत सदस्य एक लिखेगा अगर चाहे तो अन्य प्रत्याशियों के सामने वरीयता के हिसाब से दो और तीन भी लिख सकता है, लेकिन जिसके आगे एक लिखेगा, मत उसी को माना जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार जिला पंचायत सदस्यों को रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से चुनाव के बाबत डाक के जरिए सूचना दी जाती है। साथ ब्लॉक, तहसील जिला पंचायत कार्यालय में भी निर्वाचन की सूचना चस्पा की जाती है।
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कंपेनियन वोट के लिए अभी तक तीन जिला पंचायत सदस्य की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया है। इस पर विचार किया जा रहा है। मतदान से पूर्व इस संबंध में निर्णय कर लिया जाएगा।
-विवेक कुमार श्रीवास्तव, सीआरओ व सहायक निवार्चन अधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचन।
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सिर्फ 18 जिला पंचायत सदस्य हैं स्नातक
जिला पंचायत के चुनाव में निर्वाचित हुए जिला पंचायत सदस्यों में सिर्फ 18 सदस्य स्नातक हैं। सात सदस्य की शैक्षिक योग्यता प्राइमरी, चार जूनियर हाईस्कूल, आठ हाईस्कूल, दस इंटरमीडिएट, पांच परास्नातक, एक पीएचडी होल्डर हैं। निरक्षर सदस्यों की संख्या चार है।
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