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तस्करी रोकने के लिए तहसील स्तर पर तीन सदस्यीय टीम गठित

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बलिया-बिहार की सीमा से सटे इलाकों में तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बिहार के सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। साथ ही जिले की प्रत्येक तहसील में तीन सदस्यीय टीम गठित की है जो दो तरफा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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अमर उजाला ने तस्करी पर प्रमुखता से कई खबरें प्रकाशित की थी। इसको संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने समाहर्ता व जिला पदाधिकारी छपरा, भोजपुर, बक्सर के अलावा पुलिस अधीक्षक छपरा, भोजपुर व बक्सर को 9 जुलाई को पत्र भेजा है। डीएम ने बताया है कि जनपद से जुड़े तहसील बैरिया तथा बक्सर जनपद से सदर तहसील के नरही क्षेत्र में खनन माफिया बड़े पैमाने पर बिना किसी वैध परिवहन के बालू का कारोबार कर रहे हैं। जिला प्रशासन की कार्रवाई में बालू जब्त किया गया है। नियमित जांच भी हो रही है। कार्रवाई में पकड़े गए व्यक्तियों से ज्ञात हुआ कि जनपद भोजपुर के कोईलवर क्षेत्र से सोन नदी से बालू का अवैध खनन कर बालू को बड़ी नावों के माध्यम से सोन नदी से जनपद छपरा के डोरीगंज होते हुए गंगा की धारा के विपरीत लगभग 40 किमी की दूरी तय कर बलिया के तहसील बैरिया अंतर्गत रिविलगंज, भवन टोला, शिवपुर घाट, सिताब दियरा, नौबरार, कोड़रहा रामपुर आदि क्षेत्रों में भंडारण और विक्री की जा रही है। कई नाव वाले लौटते समय शराब की तस्करी बिहार राज्य को करते हैं। इस प्रकार के कार्य में 25-50 बड़ी नावों का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें 1000-1500 घन फुट तक सैंड व मोरंग बालू लदा रहता है। इसी प्रकार बक्सर पुल से सटे जनपद बलिया के नरही क्षेत्र में सड़क मार्ग से छोटी गाडि़यों में बालू का अवैध परिवहन व विक्रय किया जाता है। ऐसे में राजस्व क्षति और अवैध आर्थिक व्यापार से गंभीर अपराध घटित होने की संभावना को देखते हुए तस्करी पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई की जाए।
अवैध खनन रोकने के प्रत्येक तहसील में गठित हुई तीन सदस्यीय टीम
बलिया जिले के सदर तहसील के कोटवां नारायनपुर, सोहांव, बड़का खेत आदि क्षेत्रों में साधारण बालू के अवैध खनन, भंडारण, परिवहन की भी शिकायतें मिल रही हैं। जिलाधिकारी ने जनपद में अवैध खनन, परिवहन एवं व्यापार पर प्रभावी अंकुश के लिए तहसीलवार तीन सदस्यीय समिति गठित की है। टीम में संबंधित उप जिलाधिकारी, संबंधित क्षेत्राधिकारी व संबंधित प्रभारी निरीक्षक या थानाध्यक्ष हैं। टीम क्षेत्र में निरीक्षण करते हुए भंडारण स्थलों को चिह्नित कर कार्रवाई करेगी। आवश्यकतानुसार प्रत्येक तहसील में उपयुक्त स्थल पर एक बैरियर या चौकी स्थापित कर राजस्व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम तीन शिफ्टों में तैनात की जाएगी। टीम द्वारा खनन अधिकारी को बुलाकर जुर्माना आदि की कार्रवाई कराई जाएगी।
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तस्करी को मिलता है सफेदपोशों का संरक्षण
बलिया जिले से सटे प्रांतीय सीमावर्ती इलाकों में होने वाली दो तरफा तस्करी खत्म न होने वाली समस्या बन गई है। तस्करों को सफेदपोशों का समर्थन होने के कारण अधिकारी कार्रवाई से बचते हैं। तस्करी से हर महीने लाखों रुपये राजस्व की क्षति होती है। खासकर भरौली गंगा पुल के रास्ते होने वाली दो तरफा तस्करी में सैकड़ों वाहनों का प्रयोग होता है जो यूपी से खाद्यान्न, अवैध शराब, पशु आदि लेकर जाते हैं और बिहार से लाल बालू, कोयला, सरिया, चंदन की लकड़ी, रेडीमेड, मोटर पार्ट्स आदि सामानों को लेकर आते हैं। इसके अलावा गंगा किनारे कोटवां नारायनपुर से लेकर बैरिया तक जगह-जगह सफेद बालू का खनन भी बड़े पैमाने पर होता है।
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