बलिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश गोविंद मोहन की अदालत ने हत्या करने व नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास में तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 1.16 लाख के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर प्रत्येक अभियुक्त को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
वादी मुकदमा ने थाना गड़वार में एफआईआर दर्ज कराई थी कि 25 जून 2014 को एक किशोरी ने उसके भतीजे को बुलाया। गांव स्थित कालेज पर किशोरी अपनी सहेलियों के साथ बात कर रही थी। इसी बीच किशोरी के परिजन लाठी डंडे से लैस होकर स्कूल पर आए और भतीजे की मारपीटकर हत्या कर दी। विवेचक के अनुसार, अभियुक्त सुभाष मुसहर, श्रीकांत मुसहर, कैलाश मुसहर ने किशोरी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। इसका विरोध करने पर उन लोगों ने वादी के भतीजे की हत्या कर दी। आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत साक्ष्यों को अदालत ने देखा। अभियोजन पक्ष की तरफ से देव नारायण पांडेय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट व बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामाकांत सिंह की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उक्त अभियुक्तों के खिलाफ दोष साबित पाया। आजीवन कारावास की सजा सुनाई।