कोतवाली क्षेत्र के राघोपुर चट्टी पर शुक्रवार की रात अलाव की चिंगारी से एक रिहायशी मड़हे में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना में पांच रिहायशी झोपड़ियों के साथ झुलसकर चार बकरियों की मौत हो गई। जबकि एक गांव गंभीर रूप से झुलस गई है। वहीं हजारों का सामान जलकर राख हो गया है और पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के राघोपुर चट्टी पर शुक्रवार की रात राघोपुर निवासी जोगिंदर राजभर ने ठंड से राहत के लिए अलाव जलाया था। रात में किसी समय उससे निकली चिंगारी से उनके रिहायशी झोपड़ी में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना में जोगिंदर की झुलस कर चार बकरियों की मौत हो गई। हरेंद्र राजभर की दो झोपड़ी जल गई और एक गाय गंभीर रूप से झुलस गई।
वहीं राजेंद्र चौरसिया की भी दो रिहायशी झोपड़ी और उसमें रखा इंजन और आटा चक्की के साथ ही 10 कुंतल आटा और 10 कुंतल गेहूं जलकर राख हो गया। अग्निशमन विभाग को सूचना देने के आग को बुझाने में जुट गए। घंटों मशक्कत के बाद लोगों ने आग पर काबू पाया।