जिले में जनवरी से लेकर 14 सितंबर तक डेंगू के कुल 11 मामले सामने आए हैं। इसमें तीन मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। आठ मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं पिछले एक सप्ताह में डेंगू के तीन मरीज मिले हैं। डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर जिला अस्पताल में विशेष वार्ड बनाया है।
निजी अस्पतालों से भी कहा गया है कि अगर उनके यहां डेंगू के मरीज निकल रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करें। शीघ्र जांच कर मरीज की पुष्टि की जा सके। जहां केस मिल रहे हैं, वहां मच्छरों के स्रोतों को नष्ट किया जा रहा है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर डेंगू के इलाज की सुविधा मुफ्त उपलब्ध है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मरीज में डेंगू का लक्षण दिखते ही मरीज को अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जाएं।
डेंगू से सतर्क रहने की जरुरत
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील यादव ने कहा कि डेंगू से डरने की नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत है। लक्षण नजर आते ही चिकित्सक की सेवाएं ली जाएं तो बीमारी गंभीर नहीं होने पाएगी। अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, हड्डियों में दर्द के साथ आंखों के पीछे तेज दर्द हो तो मरीज को डेंगू की जांच अवश्य करानी चाहिए। बुखार की स्थिति में चिकित्सक के सलाह पर ही दवा लें।