बलिया। जिले में टिड्डी दल के आक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। टिड्डी दल में लाखों की संख्या में लगभग दो ढाई इंच लंबे कीट होते हैं जो फसलों को कुछ ही घंटों में चट कर जाते हैं। टिड्डी दल सभी प्रकार के हरे पत्तों पर आक्रमण करते हैं। इसको लेकर कृषि विभाग ने किसानों को अलर्ट जारी किया है।
पड़ोसी देश पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर खेतों में टिड्डियों ने नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद टिड्डियों का दल भारत में भी पहुंचने लगा है और इसको देखते हुए भारत सरकार के कृषि विभाग की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। शासन के निर्देश पर जिला कृषि विभाग ने भी किसानों को अलर्ट किया है। बताया है कि टिड्डियों के दल में मौजूद कीट काफी खतरनाक होते हैं और यह फसलों को कुछ ही देर में छिन्न-भिन्न कर देते हैं। विभाग की ओर से इससे बचने के लिए किसानों को उपाय भी सुझाए हैं।
बचाव के लिए यह करें उपाय--
- खेतों की मेड़ पर आग जलाकर, पटाखे फोड़ कर, थाली बजाकर, ढोल नगाड़े बजाकर आवाज करें। इससे टिड्डियों का दल खेतों में नहीं बैठेगा।
- मिथाइल पेराथियोन 25 किलो प्रति हेक्टेयर में बुरकाव, प्रोफेनोफोस 500 ग्राम को 700 ली.पानी मे मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव। क्लोरपीरिफॉस, लिंडा आदि कीटनाशकों का टिड्डी दल के ऊपर छिड़काव करें।
- यह टिड्डी दल शाम को 6 से 7 बजे के आसपास जमीन पर बैठ जाता है और फिर सुबह 8 बजे के करीब उड़ान भरता है। इसी अवधि में इनके ऊपर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करके इनको मारा जा सकता है।
- यदि आपके क्षेत्र में टिड्डी दल दिखाई देता है तो उपरोक्त उपाय को अपनाते हुए तत्काल अपने क्षेत्र के कृषि विभाग के कर्मचारी को अवगत कराएं।
कोट
पाकिस्तान में टिड्डियों ने खेतों में नुकसान पहुंचाया है। शासन की ओर से इसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को सतर्क रहने के लिए जिले में भी अलर्ट जारी किया गया है।- विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया