सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने विवादित बयान दिया है। रविवार को रसड़ा के अमहर ग्रामसभा में बौद्ध सम्मेलन को संबोधित करने आए मौर्य ने कहा कि सनातन का ढोल पीटने वाले लोग खुद सनातन धर्म के विरोधी हैं। उनको सनातन का अर्थ ही पता नहीं हैं। सनातन धर्म भगवान बुद्ध के मुख से निकला शब्द है।
सपा नेता ने कहा कि जो लोग बौद्ध धर्म का सनातन धर्म लेकर बड़े सनातनी बन रहे हैं, उनके सनातन और वास्तविक सनातन में बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि सच का सनातन जो आदि काल में था, आज भी है और आगे भी रहेगा। यह सूर्य, हवा, पानी और अग्नि है, जो प्रकाश, जल, हवा व अग्नि देने में जाति, धर्म का भेदभाव नहीं करता। हवा ऑक्सीजन के लिए, नदी जल के लिए, सूर्य प्रकाश के लिए ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र व मुस्लिम का भेदभाव नहीं करते, यही सनातन है।
उन्होंने कहा कि बच्चा मां की कोख से पैदा होता है, यह सनातन है परंतु ये जाति-धर्म में बांट देते हैं। कहा कि सनातन वैज्ञानिक, सर्वग्राही व सबको स्वीकार्य भी है। दावा किया हम उनसे बड़े सनातनी हैं, इसलिए जो सनातन का ढोल पीटते हैं, वे सनातन विरोधी हैं।
ईवीएम को लेकर उठाए सवाल
सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि भाजपा को मिल रही प्रचंड सफलता में मोदी का करिश्मा नहीं, बल्कि ईवीएम का कमाल है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ का विधानसभा चुनाव जनादेश न होकर ईवीएम का खेल है, जो लोकतंत्र के लिए घातक साबित होने वाला है। कहा कि ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए तमाम विपक्षी पार्टियां लामबंद हो रही हैं, ताकि लोकतंत्र को बचाया जा सके।