बलिया। जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर में एचआईवी से ग्रसित 4485 लोगों का नाम दर्ज है। इनमें 3256 का इलाज चल रहा है। 931 की मौत हो चुकी है। इस साल 12 लोग एचआईवी से ग्रसित पाए गए।
एआरटी सेंटर प्रभारी डॉ. आरके झा ने बताया कि लोगों में जागरूकता आने से खुद आकर जांच करवा रहे हैं। एड्स मरीज की पहचान जितनी जल्दी हो जाएगी, उतना ही ठीक होगा। तत्काल इलाज शुरू कर देने से विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाव के साथ मरीज लंबा जीवन गुजार सकता है। हर किसी को एचआईवी की जांच करानी चाहिए, जरूरी नहीं की असुरक्षित यौन संबंध से ही एड्स हो। प्राथमिक जांच के बाद 28 दिनों के लिए दवाएं दी जाती हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से बीमारी का असर खत्म हो जाता है।
मरीजों को मुख्यधारा में जोड़ते हैं संस्थान
एचआईवी मरीज पाॅजेटिव आने के बाद खुद को समाज से दूर कर मानसिक रूप से तनाव में रहते हैं। बिहान केयर एंड स्पोर्ट सेंटर चन्द्रशेखर नगर संस्थान पॉजिटिव मरीज की निगरानी के साथ उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का काम करते हैं। जिला महिला अस्पताल, सीएचसी रसड़ा व सिकंदरपुर में भी आईसीटीसी केंद्र खोले गए हैं, काउंसलिंग की जाती है। एआरटी सेंटर की टीम गांवों में शिविर लगाकर स्क्रीनिंग कर मरीजों को चिह्नित करती हैं।
एचआईवी से ऐसे बचें
- यौन संबंध बनाते समय कंडोम का प्रयोग करें
- हर बार नई सुई का प्रयोग करें
- हमेशा जांचा परखा खून चढ़वाएं
- मां संक्रमित हो तो प्रसव संस्थागत ही करवाएं
वर्ष - मरीज
2019 - 385
2021 - 300
2022 - 354
2023 - 351
2024 - 352
2025 - 342
टोटल मरीज - 4485