बलिया। जिले के 126 गावों में जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण पंचायत भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा था। इसके चलते ग्राम सचिवालय का संचालन किराए के मकान में किया जा रहा था। अब 33 गावों में अधिकारियों ने जमीन खोज ली है। इन गावों में पंचायत भवन बनने की उम्मीद जग गई है। अधिकारियों की ओर से इसको लेकर तैयारी भी शुरु कर दी गई है।
सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष पहले गांवों में ग्राम सचिवालय संचालित करने के लिए प्रत्येक गांव में पंचायत भवन निर्माण कराने के लिए निर्देश जारी किया और प्रति पंचायत भवन 22.53 लाख की धनराशि भी जारी की। कुल 940 गांवों के सापेक्ष 410 गांव पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थे। इन गांवों में पंचायत भवन निर्माण की कवायद शुरु हुई तो 126 गांवों में इसके लिए जमीन ही नहीं मिली लिहाजा 284 गांवों में पंचायत भवन का निर्माण शुरू हुआ और अधिकांश बन चुके हैं। शासन की ओर से ग्राम सचिवालयों का संचालन पंचायत भवन में ही होना है लिहाजा इसको लेकर अधिकारियों का काफी जोर है। जिन गांवों में जमीन नहीं मिलने के कारण पंचायत भवन नहीं बन सके थे वहां किराए पर भवन लेकर ग्राम सचिवालय का संचालन शुरु किया गया था। लेकिन काफी प्रयास के बाद अब 33 गांवों में जमीन उपलब्ध हो चुकी है। अब इन गांवों में भी पंचायत भवन निर्माण की उम्मीद जग गई है। पंचायती राज विभाग की ओर से निर्माण को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ग्राम सचिवालय के संचालन के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से 929 पंचायत सहायकों की तैनाती की गई है।
कई गांवों में पहले जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी थी और इसके चलते पंचायत भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा था। हालांकि इन गांवों में किराए के भवन में ग्राम सचिवालय का संचालन किया जा रहा था। अब 33 गांवों में जमीन उपलब्ध हो चुकी है और यहां जल्द ही पंचायत भवन निर्माण का कार्य भी शुुरु होगा।
- गुलाब सिंह, एडीपीआरओ