घाघरा नदी में आई बाढ़ के पानी से दो तरफ से घिरा चांदपुर गांव।
घाघरा नदी के उफान से ग्राम पंचायत चांद दियर का पूर्वी टोला दो तरफ से घिर गया है। साथ खेतों में किसानों की खड़ी फसल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। जलस्तर यदि इसी गति से बढ़ता रहा तो क्षेत्र के एनएच-31 के साथ ही बकुल्हा-संसार टोला बांधे भी खतरे में पड़ सकते हैं।
क्षेत्र के मांझी घाट स्थित घाघरा किसानों के खेतों की ओर बढ़ने लगी है। मंगलवार की रात से पानी इस कदर बढ़ा है कि ग्राम पंचायत चांद दियर का पूर्वी टोला को दो तरफ से पानी से घिर गया है। साथ ही एनएच-31 और बकुल्हा-संसार टोला बंधे पर भी लहरें टकराने लगी है। यदि घाघरा के जलस्तर बढ़ने की यही रफ्तार रही तो किसानों के सैकड़ों एकड़ में बोई गई मक्के की फसल नष्ट हो जाएगी। साथ ही पानी कई रिहायशी पुरवों में नदी का पानी घुस जाएगा। यही नहीं एन एच 31 और बकुल्हा-संसार टोला बंधे पर भी खतरा बढ़ जाएगा। शिकायत के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। अब तक विभाग ने कोई भी बाढ़ से बचाव के लिए कार्य नहीं किया है। उधर गत वर्ष बनाये गए आधा-अधूरे स्पर में दरार पड़ना भी शुरू हो गया है। जिससे क्षेत्र के लोगों में दहशत है। यदि स्पर को समय रहते विभाग मजबूत नहीं करता है तो स्पर कभी भी नदी में विलीन हो सकता है। स्पर समाप्त होते ही खेतों से लेकर घरों को बचाना प्रशासन के लिए मुश्किल हो जाएगा।
साथ ही करीब दर्जन भर गांव टापू बन जाएंगे। इस बाबत एसडीएम अरविंद कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है बाढ़ पर प्रशासन की नजर है। प्रशासन किसी भी संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। जहां तक स्पर को कार्य पूरा कराने की बात है तो इस संबंध में बाढ़ विभाग के अधिकारी सहित जिले के उच्चाधिकारियों को जल्द ही अवगत करा दिया जाएगा।