बैरिया क्षेत्र के गोपालनगर में उपजाऊ भूमि को काटती सरयू नदी की लहरें।संवाद
बैरिया। उत्तरी दियरांचल के वशिष्ठ नगर, गोपालनगर सिवान के पश्चिम टोला में अब भी कटान हो रही है। रोज लगभग तीन किलोमीटर लंबाई में 10 से 15 फीट चौड़ाई में सरयू नदी उपजाऊ जमीन को आगोश में ले रही है। इससे गोपाल नगर और वशिष्ठ नगर के लोग सहमे हुए हैं। वहीं, सरकार ने कटानरोधी पांच परियोजनाओं को रट्द कर दिया है। चार गांवों की लगभग 50 हजार की आबादी का अस्तित्व संकट में है। कटानरोधी परियोजनाएं रद्द होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
मांझा से लेकर बकुलहा तक करीब छह किलोमीटर की लंबाई में सरयू नदी की सालों की कटान में सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है। तीन वर्ष के अंदर गोपाल नगर टाड़ी के करीब 250 घरों को सरयू ने निगल लिया है। गत वर्ष बाढ़ के दिनों में गोपाल नगर पश्चिम टोला के सामने कटान हुई थी। ग्रामीणों के आंदोलन के बाद सिंचाई खंड ने दियराचंल के गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, मानगढ़ शिवाल की 50 हजार की आबादी को बचाने के लिए 53.42 करोड़ कटानरोधी का कार्य कराने के लिए डीपीआर शासन को भेजी। गोरखपुर अभियंता व लखनऊ के मुख्य अभियंता के कार्यालय से पांचों परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई। टीएसी की बैठक में सभी परियोजनाओं को रद्द कर दिया गया। फिलहाल कटान शुरू है। अगर कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो दियरांचल का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। गोपालनगर के राजू सिंह, अमरजीत साहनी, मनजी यादव, सुनील यादव, शिवमुनी यादव, श्रीभगवान यादव, रघुनाथ यादव आदि ने बताया कि मौजूदा समय में प्रतिदिन तीन किलोमीटर की लंबाई में 10 से 15 फीट चौड़ाई में कटान हो रही है। समय रहते कटान रोधी कार्य नही किया गया तो बाढ़ के दिनों में तबाही मच जाएगी। लोगों का आशियाना सरयू में विलीन हो जाएगा।
गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर व शिवाल में सरयू की तीव्र कटान को देखते हुए पांच परियोजनाओं के लिए डीपीआर बनाकर शासन को भेजी गई थी। ये रद्द हो गई हैं। मौजूदा समय में कटान रोधी कार्य की कोई परियोजना नहीं है। कटान से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। जैसा निर्देश प्राप्त होगा, कार्य किया जाएगा। - आकाश यादव, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग