आमलोगों को पीने के लिए स्वच्छ जल मिल सके इसके लिए शासन की ओर कवायद की गई है। अब प्रत्येक हैंडपम्पों के पानी की जांच की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शासन की ओर से 10 हजार शीशीओं की खेप भी जिले में पहुंच गई है। नमूने इकट्ठा करने के लिए डीडीओ ने सभी बीडीओ को निर्देश भी जारी कर दिया है।
गर्मी की दस्तक शुुरू हो चुकी है लिहाजा पेयजल व्यवस्था सुधारने की कवायद भी तेज हो गई है।
जिले के गंगा व घाघरा के अधिकांश तटवर्ती इलाके सालों से आर्सेनिक से जूझ रहे हैं। इसके अलावा अन्य इलाकों के ग्रामीणों की भी यह शिकायत रहती है सरकारी हैंडपम्पों से शुद्ध पेयजल नहीं मिलता है। इसको देखते हुए शासन ने हैंडपम्पों के पानी की गुणवत्ता जांचने का निर्देश दिया है। जिला विकास अधिकारी की मानें तो शासन की ओर से विशेष तरह की शीशियां उपलब्ध कराई गई हैं।
इन में निर्धारित लेबल तक हैंडपम्पों से पानी के नमूने लिए जाएंगे और फिर इन नमूनों की जांच जल निगम के प्रयोगशालाओं में किया जाएगा। जांच में पेयजल में कमी पाए जाने के बाद उसके सुधार को लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डीडीओ ने बताया कि प्रथम चरण में प्रत्येक गांव के लिए 25 शीशियां भेजी जाएंगी और जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या बढ़ाई भी जाएगी। उन्होंने बताया कि शीशियों को गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ को दी जाएगी और इसके लिए निर्देश जारी कर दिया गया है।