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Ballia News: दो सेमी प्रतिघंटे घट रहा गंगा का जलस्तर लेकिन कटान हुई तेज, 8 और मकान नदी में समा गए

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मझौवां/ दयाछपरा। गंगा नदी का जलस्तर दो सेमी प्रतिघंटा घट रहा लेकिन कटान तेज हो गई है। इसके बाद भी नदी धारा लाल निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। चक्की नौरंगा में रविवार को भी 8 लोगों के मकान नदी में समा गए।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.290 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। नदी का जलस्तर 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। यहां चेतावनी बिंदु 56.615 हैं। खतरा बिंदु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरे के निशान 1.675 मीटर से ऊपर बह रही है। हाई फ्लड लेवल 60.390 मीटर है। बाढ़ से दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। मझौवां संवाददाता के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पीड़ितों के सामने भोजन और पानी की समस्या है। शुद्ध जल मुहैया नहीं होने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है। बाढ़ से ग्रस्त लोगों के बीच सांप, बिच्छू और अन्य खतरनाक जंतुओं का खतरा है। प्रभावित इलाकों में नाव, राहत सामग्री, रोशनी आदि की व्यवस्था नहीं होने से लोग परेशान हैं।
उधर, तटबंधों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों को अपने पशुओं के चारे के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सीताराम का कहना है कि हम लोगों का दिन तो जैसे-तैसे कट जाता है लेकिन इन बेजुबानों का बुरा हाल है। चारा का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। दयाछपरा संवाददाता के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के दक्षिण दिशा में बसे ग्राम पंचायत जगदेवा के पशुपालकों का कहना है कि सबसे बड़ी परेशानी पशुओं के चारा की है। पशुओं के चारे के लिए चार-चार किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
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पशु पालक राजेंद्र यादव ने बताया कि पानी तो कोई खास नहीं है पर दरवाजे तक पानी चले जाने से मवेशियों को रखने के लिए सूखी जमीन नहीं बची है। इस मजबूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर शरण लेनी पड़ी है। पशु पालक पिंटू यादव ने बताया की तीन भैंस और एक गाय रखा हूं, भूसा की मात्रा भी काम है ।
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