शिक्षक आजीवन मार्गदर्शक ही रहता है, जिसने जिंदगी के लगभग 35-40 वर्ष तक बच्चों को अंगुली पकड़कर ककहरा सिखाया। वह सेवानिवृत्त होने के बाद भी अपनी प्रकृति तथा प्रवृत्ति से विमुख नहीं हो सकता। ये बातें राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने टाउन हाल में गुरुवार को आयोजित मेधा सम्मान एवं सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही।
कहा कि समाज शिक्षक में सदैव एक ऐसे गुरु का अक्स देखता है, जो देश व समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने में महती भूमिका अदा करता है। मुझे विश्वास है कि भले ही सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान समारोह हो रहा हो, लेकिन ये शिक्षक ताउम्र अपने अनुभव व ज्ञान के बल पर समाज को आलोकित करते रहेंगे। सेवानिवृत्त हुए 134 शिक्षकों के साथ ही कक्षा तीन से 8वीं तक वार्षिक परीक्षा में ब्लॉक स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 108 मेधावियों को सम्मानित करते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि शिक्षक की सीख व उससे मिले ज्ञान के दम पर ही आप अपनी मंजिल को प्राप्त कर सकते हैं। प्राथमिक शिक्षा में ग्रहण की गई तालीम हर मोड़ पर शिक्षार्थी का सहयोग करती है।
विशिष्ट अतिथि बीएसए राकेश सिंह ने कहा कि सरकारी नीतियों से अपने आपको जोड़ते हुए सदैव यह प्रयास किया कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारकर समाज के सामने प्रस्तुत किया जाए, ताकि हम नहीं तो कोई और सही, इनके हुनर को प्लेटफार्म प्रदान करे। परिषदीय विद्यालय के शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मियों, उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इसमें काफी हद तक सफलता भी मिली। बीएसए ने मृतक आश्रितों को आश्वस्त किया कि जल्द ही उन्हें परिचारक की जगह शिक्षक बनने का मौका हासिल होगा। समारोह में पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह, बीईओ अखिलेश कुमार झा, सुनील कुमार, यशवंत सिंह, राकेश सिंह, राजेश सिंह, हेमंत मिश्र, नरेन्द्र सोनकर व लालमणि कन्नौजिया के अलावा अवधेश सिंह, अजेय किशोर सिंह, जितेंद्र सिंह, वीरेन्द्र यादव, जुबैर अहमद, सुनील सिंह, बलवंत सिंह, अजय सिंह, अजय मिश्र, प्रदीप यादव, अनिल सिंह, उपेन्द्र सिंह, अरविन्द आदि रहे। अध्यक्षता लालबचन यादव व संचालन अब्दुल अव्वल ने किया।