बलिया / भीमपुरा। जिला मुख्यालय से 54 किमी दूर मऊ बाॅर्डर पर स्थित न्यू पीएचसी किरिहरापुर पर क्षेत्र की 55 हजार की आबादी के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। लेकिन आरोग्य मेले में अधीक्षक की कुर्सी एक बजे तक खाली रही। करीब 30 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे, लेकिन चिकित्सक के न होेने के कारण अधिकतर मरीज वापस लौट गए। फार्मासिस्ट नंदलाल यादव ने मरीजों का दवा दी। भीमपुरा निवासी मदन कुमार ने कहा कि 15 किमी दूरी में आसपास कोई दूसरा अस्पताल नहीं है। इस अस्पताल पर चिकित्सक मिलते नहीं हैं।
जिले के 81 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। 3070 मरीजों का इलाज हुआ और 14 मरीजों को रेफर किया गया। मेले में तेज बुधार, उल्टी दस्त, सांस लेने की परेशानी, शरीर में दर्द, कमजोरी के लक्षण वाले ज्यादा मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों का चेकअप कर दवा दी और गर्मी में बचाव के लिए सलाह दी।
नगरा : क्षेत्र के इंद्रौली मलकौली पीएचसी पर 21 मरीजों का इलाज हुआ। फार्मासिस्ट दिग्विजय सिंह, वार्ड बाय मनोज कुमार, स्टाफ नर्स चांदनी यादव तथा सपना मौजूद रही। नगरा पीएचसी पर 47 मरीजों का उपचार हुआ।
सिकंदरपुर : क्षेत्र के पांच पीएचसी पर आरोग्य मेले में 176 मरीजों का इलाज हुआ। ईसार पीथापट्टी पीएचसी पर आयुर्वेद के डॉक्टर ओपी यादव व फर्मासिस्ट योगेन्द्र कुमार ने 30 मरीजों का इलाज एवं दवा वितरण किया। न्यू पीएचसी देवकली पर आरबीएस के डॉ. नदीम ने 54 मरीजों का इलाज किया। पीएचसी बघुड़ी पर 54 मरीजों का इलाज किया गया। पीएचसी नवानगर केंद्र पर आयुर्वेद के डॉक्टर वीके राय ने 15 मरीजों का इलाज किया। पीएचसी कठौडा पर डॉक्टर एसएन सिंह ने 35 मरीजों का इलाज किया।
बलिया के सीएओ संजीव वर्मन ने बताया कि ग्रामीणों क्षेत्रों के अस्पतालों पर चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी की अक्सर डयूटी में लापरवाही सामने आ रही है। सभी अस्पतालों पर उपस्थिति की निगरानी के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा रही है। किरिहरापुर न्यू पीएचसी के चिकित्सक के अनुपस्थिति की जांच कर बताया जाएगा।