नरहीं। भरौली गोलंबर एक बार फिर भीषण जाम की चपेट में रहा। बुधवार की रात से शुरू हुआ यह जाम बृहस्पतिवार की सुबह तक जारी रहा। बलिया से बिहार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी कतार रही।
एनएच-31 पर करीब 20 किलोमीटर और बक्सर-पटना एनएच-922 पर 18 किलोमीटर तक वाहनों का लंबा काफिला खड़ा रहा। इस दौरान आम जनता, स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। जाम की शुरुआत बुधवार रात करीब 11 बजे हुई। गाजीपुर जिले में दो स्थानों पर ट्रकों के खराब होने और रात में हुई तेज आंधी-बारिश के कारण स्थिति बिगड़ गई। देखते ही देखते रात 12 बजे तक भरौली गोलम्बर पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ा कि जाम गाजीपुर के पखनपुरा तक पहुंच गया।
तीन लेन पुल निर्माण और कीचड़ ने बढ़ाई मुसीबत
भरौली गोलंबर पर वर्तमान में तीन लेन पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश के कारण निर्माण स्थल और सड़क के दोनों तरफ भीषण कीचड़ है। हालत यह है कि वाहनों का तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो गया। इसी कीचड़ और जलभराव के बीच वाहन फंसते चले गए।
एंबुलेंस फंसी, ट्रेनें छूटीं
जाम में दो एंबुलेंस आधा घंटा तक फंसी रहीं। कई लोग बक्सर स्टैंड से 2.5 किमी पैदल चलकर भरौली पहुंचे। देवरिया के ट्रक चालक विनोद कुमार ने बताया कि भोजपुर से भरौली पहुंचने में उन्हें 5 घंटे लग गए। सड़क पर कीचड़ इतना है कि गाड़ी को संभालना मुश्किल हो रहा है। गाजीपुर के शिवकुमार पाण्डेय ने बताया कि बस से 6 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे लग गए। गोलम्बर पर न बसें मिल रही थीं और न ही निकलने का रास्ता था। गाजीपुर जिले के करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के महेन्द गांव निवासी नौशाद खां ने बताया कि बक्सर बस स्टैंड से ढाई किलोमीटर पैदल चलकर भरौली पहुंचे।
पुलिस की मशक्कत के बाद बहाल हुआ आवागमन
बृहस्पतिवार सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद जाम खुलना शुरू हुआ। मौके पर तैनात 10 पुलिसकर्मियों की कड़ी मशक्कत और घंटों की मेहनत के बाद वाहनों को एक-एक कर निकाला गया। सुबह 7:15 बजे के बाद ही आवागमन सुचारू रूप से बहाल हो सका। बलिया से बक्सर और गाजीपुर जाने वाली बसें भी अपने निर्धारित समय से दो से तीन घंटे की देरी से पहुंचीं।