रामगढ़ के दूबेछपरा में चल रहे बाढ़ निरोधक कार्यों में जमकर अनियमितता सामने आई है। बाढ़ विभाग की मौजूदगी में ही डेंजर जोन से ही मिट्टी खोदकर रिंग बंधा बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
बताते चले कि दूबेछपरा में 29 करोड़ रुपये बाढ़ निरोधक कार्य के लिए स्वीकृति हुआ है।
इस कार्य के लिए दो ठेकेदारों को कार्य कराने की जिम्मेदारी भी मिली हुई है। जिसमें एक ठेकेदार को 21 करोड़ की लागत से 750 मीटर लंबा जीओ विधि से लांचिंग पीचिंग कर प्लेटफार्म बनाना है। साथ ही गत वर्ष की बाढ़ में ध्वस्त हुए बंधे का पुर्ननिर्माण करना है। जिसके तहत कार्य चल रहा है। हद तो तब हो गई जब ठेकेदाराें ने अपने चल रहे कार्य से डेढ़ सौ मीटर आगे गंगा नदी के तट पर ही बंधे के दक्षिण दिशा में जेसीबी से मिट्टी खनन कर पुर्न बंधा निर्माण का कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने इसका विरोध भी किया तो ठेकेदारों के उपर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। जबकि नियम यह है कि नए बंधे बनाने के लिए मिट्टी अन्यत्र स्थान से लानी है। जहां एक तरफ 29 करोड़ रुपये खर्च कर बचाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं ठेकेदार द्वारा चंद कदमों की दूरी पर ही मिट्टी खनन का कार्य क्यों कराया जा रहा है।
खनन वाला स्थान डेंजर जोन में ही स्थित है। जहां से मात्र गंगा नदी की दूरी दो सौ मीटर है। हाल-फिलहाल दूबेछपरा में चल रहे बाढ़ निरोधक कार्यों का गर्व करें तो अब तक मात्र 33 फीसदी ही कार्य हुआ है। जबकि दूसरे ठेकेदार को आठ करोड़ रुपये में स्पर बनाने व अन्य कार्य की जिम्मेदारी मिला हुआ है। कार्यो की हालत यह है कि अभी गंगा की तलहटी का भी कार्य पूरा नहीं हो सका है। बाढ़ निरोधक कार्य की गति की यहीं कछप चाल रही तो 30 जून क्या 30 जुलाई तक भी कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।
दूबे छपरा में बाढ़ निरोधी कार्य में अनियमितता नहीं होने दी जाएगी। डेंजर जोन से ही मिट्टी खोदकर रिंग बांध बनाने का कार्य कराने जाने के मामले में जांच कर उचित कार्रवाई होगी।
- संतोष कुमार, प्रभारी जिलाधिकारी, बलिया
बंाध के दक्षिण दिशा में खनन करना अवैध है। हर हाल में जांच कर दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
= दिलीप कुमार चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग