दयाछपरा। पिछले दो दिनों से हो रही बरसात से गंगा उसपार नौरंगा के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। गंगा के जलस्तर में धीमी गति से घटाव शुरू होने के बावजूद कटान का सिलसिला थम नहीं रहा है। बिहार को जोड़ने वाली सड़क के कटकर बह जाने व पुलिया के ध्यवस्त हो जाने के बाद नौरंगा, चक्की नौरंगा, भुवालछपरा, उदईछपरा के डेरा आदि गांव की लगभग 30 हजार की आबादी को कही आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नौरंगा गांव के उत्तर तरफ कटान का रफ्तार कुछ कम होने पर गांव के पूरब तरफ कटान तेज हो गया है। कटान रोकने में पूरी तरह विफल बाढ़ विभाग के लोग मौके पर जाने से बच रहे हैं। वहीं ग्राम प्रधान व ग्रामीणों का कटान रोकने का प्रयास भी पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहा है। अब तक उक्त गांव के लोगों की कई एकड़ उपजाऊ जमीन गंगा में विलीन हो गयी है जबकि सैकड़ों एकड़ में खरीफ की फसल भी गंगा के बाढ़ में नष्ट हो चुकी है। उदईछपरा, गोपालपुर में गंगा के जलस्तर में कमी आने के कारण ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं। वही गंगापुर में कटान अभी जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का जलस्तर नीचे खिसक गया है जिससे अब ओवरफ्लो का अंदेशा फिलहाल खत्म हो गया है।
पानी कम होने के बाद संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर
रामगढ़। गंगा का जलस्तर घटने के बाद जिन गांवों में गंगा का पानी प्रवेश किया था वहां संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वेदांती जी के मठिया के समीप गंगा का पानी ओवरफ्लो होकर ग्राम सभा गोपालपुर में फैल गया था अब वह पानी धीरे-धीरे घटने लगा है। अब पानी कम होने के बाद गांव के आसपास जमा पानी से दुर्गंध उठने शुरू हो गए हैं। ग्राम सभा गोपालपुर हरिजन बस्ती के लोगों ने गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने के साथ ही गांवों को सैनिटाइज कराने की मांग की है।