अधिवक्ता नगर में शराब की दूकान खोले जाने के खिलाफ सड़क जाम करते मोहल्लेवासी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेशनल और स्टेट हाइवे पर एक अप्रैल से शराब की दूकान बंद करने का आदेश जनपद में आंशिक रूप से दिखा। एक-दो दूकानों को छोड़ सभी दूकानें रविवार को भी अपने नियत समय से खुली रही। वहीं बलिया के अधिवक्ता नगर स्थिति एक कबाड़ी की दूकान में और हनुमानगंज के भरतपुरा गांव में रविवार को हाईवे की शराब की दूकान वहां खोले जाने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने शराब को आग के हवाले कर दिया वहीं दूसरी जगह सड़क जाम कर दिया। अधिकारियों द्वारा दूकान बंद करने के आश्वासन पर लोग माने। मुहल्लेवासियों का कहना था कि इस मुहल्ले में किसी भी सूरत में शराब की दूकान नहीं खोलने दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नेशनल और स्टेट हाइवे पर स्थित शराब की दूकान को कहीं और स्थापित करने के जुगत में दूकानदार लगे हुए हैं। नगर के अधिवक्ता नगर में स्थित कबाड़ी की दूकान थी। जिसे खाली कराकर रविवार की सुबह शराब की दूकान का बोर्ड लगाकर शराब की पेटियां रखी गई थी। रविवार की सुबह जैसे ही दूकान खोला गया वैसे ही मुहल्लेवासियों का गुस्सा भड़क गया। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। वहां पर मौजूद लोगों ने दूकान को बंद कराने का दबाव बनाने लगे।
नाराज मुहल्लेवासियों ने रखे शराब को आगे के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मुहल्लेवासियों को समझा-बुझाकर शांत करवाया। मुहल्लेवासियों को कहना है कि किसी भी हालत में यहां शराब की दूकान नहीं खोलने देंगे। नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन संजय उपाध्याय ने कहा कि अधिवक्ता नगर में शराब की दूकान खोलना अनुचित है। वहीं अधिवक्ता कौस्तुभ रमण पांडेय ने कहा कि बस्ती में डाक्टर, अधिवक्ता तथा बुद्धिजीवी पारिवार के लोग निवास करते हैं। ऐसे में यहां शराब की दूकान खोलना कहीं से भी उचित नहीं है। हालांकि प्रशासन इस बात को लेकर काफी मंथन में जुटी हुई है कि विस्थापित शराब की दूकान को कहां ले जाकर खोला जाय।
वहीं हनुमानगंज संवाददाता के अनुसार भरतपुरा गांव में शराब की दूकान खुलने पर रविवार को गांव के सैकड़ों महिला-पुरुष लामबंद हो गए। नारे लगाने के साथ बलिया-सिकंदरपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने गांव के शराब की दूकान हटवाने का आश्वासन दिया। तब जाकर जाम समाप्त हुआ।कोर्ट के आदेश के बाद मेन रोड पर स्थापित शराब दूकान भरतपुरा में जाकर स्थापित हो गया। जो ग्रामीणों को रास नहीं आया, इस संबंध में गांव के लोगों ने दो-तीन दिन पूर्व जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप गांव से शराब की दूकान हटवाने की मांग की थी।
लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी दूकान बंद न होने की दशा में आक्रोशित महिला-पुरूषों ने बलिया-सिकंदरपुर मार्ग की हनुमानगंज चट्टी पर करीब एक घंटे बांस-बल्ली के सहारे जाम लगा दिया। इस दौरान सड़क की दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर मौके पर पहुंचे एसओ मनोज सिंह व हनुमानगंज चौकी इंचार्ज करूणेश सिंह ने अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंच समझाया-बुझाया और दूकान को अन्यत्र हटवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ। वहीं एसओ मनोज सिंह ने बताया कि आश्वासन के मुताबिक काम होगा, अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिए हैं।