रामगढ़ में ठोकर का निरीक्षण के दौरान निर्देश देते बाढ़ विभाग सोनपुर के चीफ डीके पांडुआल व सिंचाई
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रामगढ़। बाढ़ विभाग सोनपुर के मुख्य अभियंता डीके पांडुआल व सिंचाई विभाग वाराणसी के अधीक्षण अभियंता एसएन शर्मा ने बुधवार की सुबह रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया। एनएच 31 व गंगा के मुहाने पर बसे गांवों को बचाने लिए बाढ़ विभाग के करीब 55 करोड़ की लागत से पांच परियोजनाओं का काम चल रहा है। काम पूरा होने पर रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक की करीब 50 हजार की आबादी सुरक्षित हो जाएगी।
ठेकेदारों की लापरवाही व विभागीय उदासीनता के कारण 8 जून तक कटान रोधी कार्य मूर्त रूप नहीं ले पाया है। इस बार अगर गंगा नदी उफनाई और काम अधूरा रहा तो करोड़ों रुपये पानी में बह जाएंगे। गंगा के किनारे बसे गांवों के लोगों में चिंता है। जिले को बाढ़ व कटान से बचाने के लिए 126 करोड़ रुपए की लागत से कुल 19 परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। इसमें पांच परियोजनाएं रामगढ़ से लेकर दुबे छपरा तक स्वीकृत हैं। इसके तहत रामगढ़ से दुबे छपरा तक दो ठोकर, रीवेटमेंट, पार्कोपाइन विधि द्वारा कटान रोधी कार्य संसाधन व मजदूरों के अभाव में मंथर गति से चल रहा है। अभी करीब 50 फीसदी भी पूरा नहीं हो पाया है। विभाग पहले अधिकारियों ने 15 जून कार्य पूरा करने की बात कही थी। अब महीने के अंत में काम पूरा करने की बात कही जा रही है।
लोगों को भय है कि ठेकेदार पानी बढ़ने पर काम बीच में ही छोड़ जाएगा और तब सारी उम्मीदें बेमानी हो जाएंगी। बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि सोनपुर चीफ ने इन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। कार्यों की गुणवत्ता को देखा और इससे संबंधित दिशा निर्देश भी दिया। उन्होंने बताया कि हर हाल में 30 जून से पहले सभी कटान रोधी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। इस बार तय समय के अंदर जिस ठेकेदार का कार्य पूर्ण नहीं होगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।