सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर में लगा हेल्थ एटीएम।संवाद
बलिया। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के स्वास्थ्य की जांच के लिए लगाई गईं 35 हेल्थ एटीएम में मात्र तीन काम कर रही हैं। 32 बेकार साबित हो रहीं। किट के अभाव, नेटवर्क फाॅल्ट के कारण अस्पताल में शोपीस बनी हुई हैं। कई जगहों पर मशीन चलाने वाले नहीं।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आमजन को शासन की मंशा के अनुरूप बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सीएचसी-पीएचसी पर जांच की सुविधा न होने के कारण मरीज संग तीमारदार भटकने के लिए मजबूर हैं। शासन की ओर से ब्लड सहित कई प्रकार की जांच करने के लिए लाखों की हेल्थ एटीएम मशीन जिला अस्पतालों सहित सीएचसी-पीएचसी पर उपलब्ध कराई थी। कहा गया था कि इस मशीन से पूरे शरीर की लगभग 64 तरह की जांच होगी। लेकिन कुछ माह बाद ही यह मशीन सिर्फ सिर्फ दिखावा का साबित हुई।
सीएचसी सिकंदरपुर, चितबडागांव पीएचसी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैना, इंदरपुर, न्यू पीएचसी सागरपाली व बंसपुर के लिए लाखों रुपये की लागत में चार हेल्थ एटीएम मिली हैं। कई महीने बीतने के बावजूद अब तक मशीन इंस्टाल नहीं हो सकी है। मरीज ब्लड सहित अन्य जांच के लिए सात किमी दूर जिला अस्पताल जाने को मजबूर हैं।
प्रभारी डाॅ. धर्मेन्द्र कुमार ने बताया की ट्रेनिंग न होने के कारण इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। जयप्रकाश नगर में आठ महीने पूर्व प्रभावती देवी सीएचसी पर लगी हेल्थ एटीएम के लिए आज तक किट उपलब्ध नहीं कराई गई। मरीजों को ब्लड जांच कराने के लिए सोनबरसा या छपरा जाना पड़ता है। मशीन मोबाइल के गूगल के अनुसार जवाब दे रही है। स्थानीय ग्रामीण इसे सरकारी धन का दुरुपयोग की बात कह रहे हैं।