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योजना बनाने में उलझी रही नगर पालिका और बाढ़ में बह गए कूड़े

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नगर के महावीर घाट से गंगाजी जाने वाले मार्ग पर बाढ़ के पानी में बह रहा कूड़ा। - फोटो : BALLIA
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बलिया। नगरपालिका प्रशासन शहर में साफ-सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च करती है। सड़क के किनारे पड़े कूड़े को निस्तारित करने के लिए लीगेसी वेस्ट प्रोजेक्ट को मंजूरी भी मिली थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका योजना बनाने में ही उलझी रही, इधर बाढ़ में कूड़ा बह गया।
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नगरपालिका शहर से निकलने वाले कूड़े को एकत्र करने के लिए आर्यन ग्रुप को ठेका भी दे रखा है ताकि कूड़ा उठान के साथ ही उसका निस्तारण किया जा सके, लेकिन धरातल पर इसका कहीं प्रभाव नहीं दिखता। नपा के वार्ड नंबर 11 के निहोरा नगर, गायत्री कालोनी से लेकर महावीर घाट, बालेश्वर नगर आदि इलाके के लोग पूरे साल कूड़ा निस्तारण राह ताकते रहते हैं। गंगा की उफनाती धाराओं ने जब शहर का रुख किया तो सड़क किनारे रखे कूड़े बह गए। बाढ़ के पानी में तैरता कचरा नगर पालिका के जिम्मेदारों की लापरवाही और उनके खेल की कहानीं बयां कर रहा था। नगर पालिका के वाहन रोजाना शहर का कचरा महावीर घाट में सड़क के किनारे गिरा देते हैं। महावीर घाट पर जमा कूड़ा बाढ़ के पानी में मिलकर शहर के अन्य बाढ़ प्रभावित मोहल्लों में फैलने लगा। शहर को कंसपुर दियारा क्षेत्र से जोड़ने वाला मार्ग भी जलमग्न हो गया और सड़क से आने जाने वाले लोगों को कचरे से होकर आना जाना पड़ा। बाढ़ आने से पूर्व कूड़ा निस्तारण का प्रबंध क्यों नहीं कराया गया, जबकि पालिका की ओर से साफ-सफाई पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं।
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बाढ़ में कचरे का बहना कोई नया मामला नहीं है। ऐसा प्रत्येक वर्ष होता है। - अजय कुमार, चेयरमैन, नगर पालिका बलिया
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