बलिया। पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनों ने शुक्रवार को निर्जला व्रत रखा। चंद्रोदय के बाद सुहागिनों ने चलनी से चांद का दीदार कर उसे अर्घ्य दिया और पति के चेहरा देखकर व्रत तोड़ा।
कभी केवल महानगरों में होने वाला करवा चौथ का व्रत अब छोटे-छोटे कसबों के साथ की ग्रामीण अंचलों में भी शुरू हो गया है। पति के दीर्घायु के लिए किया जाने वाला यह व्रत अब परंपरा बन चुकी है।
करवा चौथे को सुहागिन महिलाए दिन भर अन्न और जल त्याग कर चांद का दीदार करने का इंतजार करती हैं। शाम को जब करवा चौथ का चांद निकलता है, तो महिलाएं छलनी से चांद का दीदार करने के बाद जल अर्पित करती हैं।
इसी के साथ चलनी से ही पति के चेहरे का दीदार करती हैं। इसके उपरांत जल ग्रहण करती हैं। साथ ही पति की दीर्घायु की कामना करती हैं।