बलिया। वाराणसी के सिगरा स्थित होटल सिद्धार्थ में जमीन कारोबारी गणेश पांडेय के आत्महत्या की वजह मानसिक प्रताड़ना बताई गई। हालांकि यह पहली बार नहीं था। स्थानीय लोगों की माने तो कर्ज की वजह से गणेश पांडेय पिछले कुछ वर्षों से मानसिक दबाव में थे। उसपर से वसूली के लिए आने वाले लोगों का दबाव भी था। इसके चलते कुछ वर्ष पूर्व भी वह जहर खा चुके थे। हालांकि तब उन्हें बचा लिया गया था।
वाराणसी में पिता की अंत्येष्टि के बाद बलिया लौटे ज्येष्ठ पुत्र चंद्रप्रकाश पांडेय ने बताया कि उसके पिताजी की मौत अजय सिंह, अरुण सिंह, प्रदीप सिंह और उदय चौबे की प्रताड़ना के कारण हुई है। ये लोग मेरे पिताजी की न सिर्फ नौ बीघा जमीन हड़पी है बल्कि अक्सर मारने-पिटने के साथ अक्सर प्रताड़ित करते थे। इधर, कुछ दिनों से मेरे पिताजी काफी परेशान थे क्योंकि जो जमीन ये लोग हड़प लिए हैं वह जमीन लेने के लिए मेरे पिता के ऊपर काफी कर्ज हो गया था, फिर उपर हड़पने वाले ही उनको प्रताड़ित करते थे और यही मेरे पिताजी की मौत का कारण बना।
सन 1995 से 2000 तक पंडितपुरा गांव के प्रधान रहे गणेश पांडेय ने बिजनेस में खुद को स्थापित करने के लिए बलिया सहित पांच जनपदों में लिवगार्ड बैट्री के डिस्ट्रीब्यूटर बने। सादा विचार और ईमानदारी से काम करते हुए गणेश ने कुछ ही सालों में बलिया में एक बड़े कारोबारी बनकर उभरा और दिन-ब-दिन अपने बिजनेस को बढ़ाते गए। बलिया से लेकर वाराणसी तक अपना बिजनेस फैला दिया। वर्तमान में वाराणसी के लहरतारा व नंदगंज में कृष्णा बैट्री के नाम से बैट्री की दुकान है और इसी नाम से बलिया के बहेरी, मालगोदाम रोड में विशान बैट्री की दुकान है।
दो लड़का, एक लड़की व पत्नी से साथ मिश्र नेवरी में खुशी-खुशी जीवन-यापन कर रहे गणेश गुप्त का बुरा दिन तब शुरू हुआ, जब उनका झुकाव जमीन के धंधे में हुआ। अजय सिंह, अरूण सिंह, प्रदीप सिंह और उदय चौबे के साथ साझेदारी में जमीन का धंधा शुरू किया। उनको क्या मालूम था कि उनका साझेदार उनको धोखा देगा और हुआ भी ऐसा ही, करोड़ों रुपये की लगभग नौ बीघा जमीन उपरोक्त लोगों ने धोखे से हड़प ली और गणेश को कर्जे में डूबो दिया। साझेदार यही नहीं रूके पैसा के लिए उन्हें अक्सर प्रताड़ित भी करने लगे थे, जब-तब घर पर चढ़कर मारते-पिटते थे। आखिरकार जिंदगी से तंग आकर गणेश ने सोमवार को वाराणसी के सिगरा स्थित सिद्धार्थ होटल में फांसी लगाकर अपयनी इहलीला समाप्त कर ली।
ज्येष्ठ पुत्र चंद्रप्रकाश की तहरीर पर सिगरा पुलिस ने आरोपी अजय सिंह, अरूण सिंह, प्रदीप सिंह और उदय चौबे के खिलाफ आईपीसी एक्ट 420, 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी अजय सिंह सिंहाल होटल के मालिक है।