बलिया। नगर पालिका के अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी के भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये के विरुद्ध सभासदों ने सोमवार को आजमगढ़ जाकर मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
सभासदों ने आरोप लगाया कि 22 सितंबर को आयोजित बोर्ड की बैठक अध्यक्ष अजय कुमार के अचानक चले जाने से निरस्त कर दी गई थी। उसके बाद भी अधिशासी अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल को भ्रमित करने का प्रयास किया। उन्होंने यह सूचना दी कि बोर्ड की बैठक में छह प्रस्ताव को पास कर दिया गया है, जो सरासर गलत है।
वर्ष 2021 के अक्टूबर में हुई बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव पर एक माह बाद भी कोई कार्य नहीं किया गया है। सभासदों ने आरोप लगाया कि अधिशासी अधिकारी के गलत मंसूबों का प्रमाण है कि इस बार बोर्ड की बैठक बीच में ही निरस्त कर दी गई। ऐसे में कैसे कोई प्रस्ताव पारित हो सकता है। कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन में सभासद ने आरोप लगाया कि अध्यक्ष पर चल रही वित्तीय अनियमितता की जांच से बचने के लिए अध्यक्ष बोर्ड की बैठक कराकर अपने कुकृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। अधिशासी अधिकारी नगरपालिका के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का मनमाना आवंटन कर अवैध धन उगाही करना चाह रहे हैं। सभासदों ने मंडलायुक्त से मांग की कि दोषी अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सभी अनुचित कार्यों पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन देने में हरिशंकर राय, ददन यादव, हीरालाल, सुमित मिश्रा, अमित दुबे, बब्लू गोंड, संजय यादव, पम्मी सिंह आदि मौजूद रहे।