बैरिया। उत्तरी दियरांचल के गोपालनगर टाड़ी बस्ती में सरयू की बाढ़ के पानी में घटाव के बावजूद उत्पाती लहरों का तांडव रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं। रविवार को भी नदी की उफनाती लहरें उपजाऊ भूमि को निगलने के साथ ही पूरे बस्ती को निगलने के लिए आतुर दिखीं।
बीते दो दिनों के अंदर चार लोगों का आशियाना कटान की भेंट चढ़ चुका हैं। उधर, प्रशासनिक उपेक्षा से आहत कटान पीड़ितों का गुस्सा रविवार को फूट पड़ा। कटान से बेघर हो रहे गोपालनगर टाड़ी के कटान पीड़ित सरकार से अपने बसने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग कर रहे है। उन्हें जमीन उपलब्ध न होने से नाराज दर्जनों कटान पीड़ितों ने रविवार को कटान स्थल पर खड़े होकर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
कटान पीड़ितों का आरोप था कि जिला प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मुहैया कराई जा रही है। ऐसे में हम कहां जाएं और पशुओं को कहा रखें। शनिवार को तेज कटान के वजह से गोपालनगर टाड़ी बस्ती में अफरा-तफरी मच गई थी। लोग अपना आशियाना उजाड़ कर भागने में लगे रहे। ऐसे में सरयू नदी के कटान के डर से झोपड़ी उजाड़ते समय भोजीत यादव (55) के शरीर पर झोपड़ी गिर गई, जिससे उन्हें काफी चोटें आई। इसे रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर रविवार को भी कटान पीड़ित अपने पक्के मकानों को अपने ही हाथों तोड़ने में लगे रहे। कुछ कटान पीड़ित मिडिल स्कूल स्थित बंधे पर तो कई रामबालक बाबा आश्रम स्थित बंधे पर किसी तरह शरण लिए हुए हैं।
सरयू के कटान से तीन लोगों का मकान नदी में विलीन हुआ है, उन्हें मुवावजा देने के लिए राहत पोर्टल पर नाम दर्ज करा दिया गया है। इसके अलावा, कटान पीड़ितों के लिए राशन की व्यवस्था करा दी गई है। प्राथमिक पाठशाला गोपालनगर नंबर एक पर बाढ़ शरणालय बनवाया गया हैं। वहां गद्दा, बिजली, पानी, मुफ्त खाना की व्यवस्था है। इसके अलावा, कटान पीड़ितों को बसाने का लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध होते ही पट्टा दे दिया जाएगा। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया