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मिलावट का खेल, 80 फीसदी नमूने जांच में फेल

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जिले में दूध व दुग्ध पदार्थ के साथ ही सरसों तेल और मसाला समेत सभी खाद्य पदार्थों में मिलावट हो रही है। इस साल खाद्य सुरक्षा विभाग ने 117 नमूनों में से 91 नमूने (करीब 80 फीसदी) जांच में फेल मिले हैं। दुकानदार त्योहार ही नहीं आम दिनों में भी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। दूध, पनीर, तेल, मसाला, मिठाई आदि में मिलावट हो रही है। खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद भी मिलावटखोर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2022-2023 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 524 का दुकानों का निरीक्षण किया। इनमें से 117 नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए। अब तक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में 91 मानक के विपरीत मिले हैं। खाद्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो दुग्ध और इससे निर्मित पनीर, मिठाई एवं छेना मानकों पर खरे नहीं उतरे है। इतना ही नहीं तेल मसाला के अलावा भुना चना तक सुरक्षित नहीं मिला।
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अब तक 19 नमूने संग्रहित
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने पिछले 10 दिनों में विभिन्न जगहों पर छापामारी कर 19 नमूने संग्रहित किए है और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वसूला गया 10.38 लाख जुर्माना
खाद्य सुरक्षा विभाग ने 2022-2023 में मिलावट के 64 केस दायर किए है। इसके अलावा पूर्व में दर्ज मुकदमों में 68 निर्णित हुए। इनसे 10 लाख 38 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।
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क्या कहते हैं आंकड़े
वित्तीय वर्ष 2019-20 में खाद्य सुरक्षा और औषधी प्रशासन विभाग ने जिले में मिलावट खोरी के खिलाफ अभियान चलाते हुए दो हजार दुकानों का निरीक्षण किया था। इस दौरान विभाग की टीम ने 286 नमूने संग्रहित किए और जांच के लिए भेजा था, जिनमें 218 की रिपोर्ट मानक के प्रतिकूल पाई गई थी। जिन पर विभाग द्वारा कारवाई करते हुए मुकदमा किया गया था, इनमें 88 मुकदमों के निर्णित होने पर 4 लाख 65 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया था। वित्तीय वर्ष 2020-21 में में अब तक विभाग द्वारा 1021 निरीक्षण किया गया और 64 नमूने लिये गए, जिनमें 75 फीसदी नमूने मानक के प्रतिकूल मिलें। जबकि 12 नमूने मानव जीवन के लिए खतरनाक पाए गए।
जिन व्यापारियों के नमूने फेल आए हैं, उनके विरुद्ध एडीएम कोर्ट व असुरक्षित नमूनों के व्यापारियों के विरुद्ध अदालत में केस किया जाता है। मानक सही नहीं होने पर व्यापारी पर एक लाख तक का जुर्माना और सजा एवं दोनों हो सकती है।
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-दिनेश कुमार राय, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, बलिया।
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