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किसान खुद तय कर सकेंगे धान बेचने की तिथि

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बेरूआरबारी क्षेत्र के करम्मर गांव स्थित बंद पड़ा धान क्रय केंद्र। - फोटो : BALLIA
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फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में खोले गए क्रय केंद्रों पर एक नवंबर से 15 फरवरी तक धान बेचने के लिए किसानों को पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के दौरान किसानों को बेचने तिथि व क्रय केंद्र चयन खुद चुनने की सुविधा मिलेगी। किसानों को उनकी उपज का निर्धारित समर्थन मूल्य दिलाने के लिए जिले में एक नवंबर से पांच एजेंसी के 58 क्रय केंद्रों पर धान खरीद शुरू होगी। क्रय केंद्रों पर पूर्व में पंजीयन कराने वाले किसानों के साथ पहली बार क्रय केंद्र पर फसल बेचने की इच्छा रखने वाले किसानों को फसल बिक्री का पंजीयन कराना होगा। क्रय केंद्रों पर किसानों को सहूलियत देने के साथ ही बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अनुमोदन के बाद अलग-अलग ब्लॉकों में विपणन शाखा, पीसीएफ, मंडी परिषद, यूपीएसएस, यूपीपीएसयू और भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से संचालित होंगे। सभी क्रय केंद्रों पर प्वाइंट किसानों को ऑनलाइन खतौनी की नकल, बिक्री का ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद ऑफ सेल मशीन से सिर्फ उन्हीं किसानों का धान खरीदा जाएगा जिन्होंने इसके लिए कोड, आधार कार्ड व पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पास बुक, बैंक का आईएफएससी किसान को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कराना होगा। पंजीयन नंबर और उसका प्रिंटआउट एसएमआई या उस केंद्र के प्रभारी को देना होगा, जहां किसान को अपना धान बेचना होगा।
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फसल ब्रिकी के लिए पंजीयन अनिवार्य
डिप्टी आरएमओ अविनाश चंद्र सागरवाल ने बताया कि क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के लिए पंजीकरण कराना अनिवार्य है। पंजीकरण में कोई भी परेशानी होने पर किसान कार्यालय के साथ क्रय केंद्र प्रभारी से संपर्क कर अपनी समस्या का निराकरण कर सकते हैं। पंजीयन के बाद किसान को केंद्र प्रभारी के पास पंजीयन का प्रिंट आउट जमा कर टोकन प्राप्त करना होगा। किसानों को फसल बिक्री में कोई परेशानी न हो इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
पंजीकरण के बाद तीन चरणों में होगा सत्यापन
धान बिक्री करने के लिए पंजीकरण के बाद तीन स्तर पर सत्यापन किया जाएगा। पहले चरण में खतौनी व आधार कार्ड में किसान के नाम का तो दूसरे चरण में अंकित बोआई के रकवे का सत्यापन होगा। तीसरे व अंतिम चरण में भुगतान के लिए पीएफएमएस पोर्टल पर आधार कार्ड व नाम के साथ बैंक खाते का सत्यापन किया जाता है। तीनों चरण में सत्यापन होने के बाद प्वांइट ऑफ परचेज मशीन से ओटीपी दर्ज कर खरीद होगी।
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