जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बलिया के तत्वावधान में ददरी मेले में शनिवार को आयोजन किया गया। ददरी मेले मेें पहली बार लगे विधिक शिविर का शुभारंभ जनपद के न्यायाधीश न्यायमूर्ति चंद्रहांस राम द्वारा फीता काटकर किया गया।
मुख्य अतिथि चंद्रहांस राम ने कहा कि आज अनावश्यक रूप से ऐसे मुकदमों का बोझ भी न्यायालय पर है। जिनको थोड़े से प्रयास के द्वारा आपसी सुलह-समझौते से समाप्त किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन देश स्तर पर किया है। ऐसे सुनहरे मौके का बलिया में भी फायदा उठाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मोटर दुर्घटना प्रतिकारवाद, दीवानी, वैवाहिक, राजस्व, परीक्षा अधिनियम, चकबंदी, स्टैंप, बैंक ऋण एवं धारा 138 निगोशीएबुल एक्ट उत्तराधिकार वाद, बाट माप, विद्युत अधिभार, नगर पालिका एक्ट, वन अधिनियम, किराएदारी, अपराधिक वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया जाएगा। कहा कि समस्त वादकारी आम जनता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विधि विशेषज्ञ से अनुरोध किया कि आगामी 12 दिसंबर को लगने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में सहयोग करें।
न्यायमूर्ति डीपी सिंह, न्यायाधीश सुशील कुमार, न्यायमूर्ति मनोज कुमार राय, न्यायमूर्ति रत्नेश मणि त्रिपाठी, न्यायमूर्ति शोभनाथ सिंह को नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्त ने माला पहनाकर व अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। अधिवक्ता श्याम नारायण यादव, यशवीर सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, संतोष कुमार पांडेय, रामनरेश यादव के साथ ही नगर पालिका परिषद के कर्मचारी अलीम खां, अरविंद सिंह, अशोक वर्मा, अशोक सिंह, श्याम जी आदि मौजूद रहे।