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क्वारंटीन सेंटरों के खर्च का भुगतान हुआ नहीं, कैसे कराएं गांवों को सैनिटाइज

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बैरिया। तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायतों में प्रधानों को क्वारंटीन सेंटरों के खर्च का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। गांवों को वे किस भरोसे पर सैनिटाइज कराएं या फागिंग मशीन चलवाएं। ग्रामीणों की ओर से मांग किए जाने पर ग्राम प्रधान यही जवाब दे रहे हैं।
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गांवों की साफ सफाई और दवा के छिड़काव एवं सैनिटाइजेशन के संबंध में ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायत में किट तथा फागिंग मशीन उपलब्ध कराया गया है जिसका भुगतान ग्राम निधि खाते से होना है। कहा कि फागिंग मशीन में डीजल और पेट्रोल बहुत ज्यादा लगता है। ग्राम निधि खाते में अधिकतम एक लाख या इससे कुछ अधिक आता है। अगर हम संचारी रोग बचाव के लिए फागिंग मशीन का प्रयोग तथा सैनिटाइजेशन कराने लगें तो यह पैसा कम पड़ जाएगा। क्वारंटाइन सेंटरों का भुगतान तो हुआ नहीं, खुद अपने क्रेडिट या अपने पास से हम कितना खर्च कर सकते हैं। बरसात का मौसम है जगह जगह नालियों की मरम्मत या राबिश मिट्टी आदि डलवाने के धनराशि की व्यवस्था कहां से कर पाएंगे। कुल मिलाकर जिस तरह के सरकारी निर्देश जारी किए जा रहे हैं, वह सुनने में तो अच्छा लग रहा है लेकिन धरातल पर उसे सच में बदलने में प्रधान असमर्थता जता रहे हैं।
लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों के लिए जूनियर हाईस्कूल करमानपुर में क्वारंटीन सेंटर बना था। यहां 66 प्रवासी श्रमिक ठहरते थे। इनके लिए चारपाई, बिस्तर, प्रकाश, भोजन आदि पर 66 हजार रुपये खर्च हुए। इसका बिल जमा किया लेकिन भुगतान नहीं हुआ है। फागिंग मशीन, किट, थर्मल स्कैनर, ऑक्सीमीटर खरीदा गया है। केवल सैनिटाइजर नहीं खरीदा गया है। मई माह में हॉटस्पॉट गांव घोषित होने के दौरान सैनिटाइजेशन कराया गया।
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- लक्ष्मण यादव, ग्राम प्रधान, करमानपुर
गांव 35 प्रवासी श्रमिकों की व्यवस्था रही लेकिन कहीं किसी भी तरह का भुगतान नहीं हुआ। उस दौरान गांव में सचिव या कोई भी अन्य कर्मचारी अधिकारी निरीक्षण करने अथवा बिल बाउचर बनवाने तक नहीं आए। गांव में फागिंग कराया गया है। फागिंग मशीन में डीजल की काफी खपत है और सैनिटाइजर फिलहाल नहीं खरीदा गया है जल्द ही खरीद लिया जाएगा।
- अमरदेव यादव, ग्राम प्रधान, दलपतपुर
दुर्जनपुर, करमानपुर, दलपतपुर, चकिया आदि ग्राम पंचायतों में क्वारंटीन सेंटर के खर्च का भुगतान जब नहीं किया गया, तो मैंने अपने ग्राम पंचायत में क्वारंटीन सेंटर में खर्च के भुगतान के लिए आवेदन ही नहीं किया। फागिंग गांव में कराया जा रहा है। सैनिटाइजर नहीं खरीदा गया है, खरीद कर सैनिटाइजेशन करा दिया जाएगा।
- राजेश यादव, ग्राम प्रधान, श्रीनगर
सभी गांव में फागिंग हो रही है लेकिन किसी गांव में सैनिटाइजेशन नहीं हुआ है। बहुत से ग्राम प्रधानों ने भुगतान में झमेला देख आवेदन ही नहीं किया है। - मनोज प्रसाद, ग्राम प्रधान, अधिसिझुआ
सभी पंचायतों में पर्याप्त धन है, जिसका खर्च वित्त आयोग के मद से करना है। सभी पंचायतों को फागिंग और स्प्रे मशीन के साथ-साथ कोरोना जांच हेतु पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मल स्कैनर भी लेने को निर्देशित किया गया है। अभी तक सभी ग्राम पंचायतों में ये उपलब्ध है जिसकी सूचना हमें मिली है। क्वारंटीन सेंटरों के खर्च का भुगतान तहसील के माध्यम से हो रहा है, मेरे यहां जो भी रिपोर्ट आई मैंने अग्रसारित कर दिया है।
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- गजेंद्र प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी, बैरिया।
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