मोदी सरकार के भूमि अधिग्रहण बिल के खिलाफ मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और जिला किसान सभा ने धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी वक्ताओं ने बिल की खामियां गिनाया और कहा कि मौजूदा भूमि अधिग्रहण बिल किसी भी सूरत में मंजूर नहीं है। कामरेड प्रेमनाथ राय ने मोदी सरकार को कारपोरेट परस्त बताया।
राय ने मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मोदी के लिए अच्छे दिन आ गए हैं। कारण कि पूंजीपतियों का दिनोंदिन विकास हो रहा है। भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि 2013 में सभी दलों की सहमति से जो परिवर्तन कानून में किया गया था, उसकी मूल भावना को समाप्त कर दिया गया है।
अब किसानों की जमीन लेते समय उनकी राय की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही कोर्ट के दरवाजे भी बंद कर दिए गए हैं। जिला सचिव केशव सिंह आजाद ने कहा कि मोदी सरकार 85 प्रतिशत देशवासियों को भिखारी बनाने का प्रयास कर रही है। मोदी सरकार राज्य से धर्म को जोड़कर देश को विखंडित करने का काम कर रही है।
कहा कि मौसम की मार से बर्बाद फसलों पर किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है तो दूसरी तरफ उर्वरकों के दाम बढ़ते जा रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की सब्सिडी खत्म की जा रही है तथा पूंजीपतियों के टैक्स माफ किए जा रहे हैं। कहा कि हाईवे के दोनों ओर एक किमी की जमीन पूंजीपतियों को देने का प्रयास निंदनीय है।
अंत में तीखमपुर स्थित शारदा नर्सिंग होम में किशोरी के साथ गैंगरेप के आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी और अस्पताल सीज करने की मांग की गई। इस मौके पर अशोक पांडेय, वाचस्पति चौबे, चंद्रमा मास्टर, शैलेश कुमार सिंह, परमात्मानंद राय, रामकृष्ण यादव, सुभाषचंद्र सिंह, डा. केदार नाथ गुप्त, अजीत सिंह, बीएन लाल, रामजिवावन यादव, मुहम्मद यूसुफ आदि मौजूद रहे।