शनिवार की दोपहर 11.40 से 12.10 बजे के बीच जिले के लोगों ने तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए। पहला झटका सबसे अधिक तकरीबन तीस सेकेंड तक महसूस किया गया। इस दौरान लोग घरों से बाहर निकल आए। स्कूलों से बच्चों को बाहर सुरक्षित स्थान पर निकाल दिया गया।
हनुमानगंज और सिकंदरपुर क्षेत्र में एक-एक मकान जमींदोज हो गए तो कई स्कूलों और मकानों की दीवारेें चटक गईं। कई घरों में खिड़कियों के शीशे चटक गए। भूकंप के बाद लोग नजदीकियों का हाल जानने के लिए फोन से संपर्क करने में जुट गए। काफी देर तक संचार सेवा भी बाधित रही।
भूकंप के झटके महसूस करते ही घनी आबादी वाले इलाके भृगु आश्रम, जगदीशपुर, अधिवक्ता नगर, चंद्रशेखर नगर, हरपुर मिड्ढी, राजपुत नेउरी, महावीर घाट, चमन सिंह बाग रोड आदि के हजारों लोग घर से बाहर सड़क पर आ गए थे। शहर के विद्यालयों के बच्चों को तत्काल कक्षा से बाहर कर प्रांगण में बुला लिया गया।
नवानगर प्रतिनिधि के अनुसार भूकंप के झटके से सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के पीएचसी के समीप अनिल पाठक का मकान जमींदोज हो गया। संयोग था कि उनकी पत्नी मुश्किल से चंद मिनट पहले ही घर से बाहर निकली थीं। हालांकि सारा सामान नष्ट हो गया।
खेजुरी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के खेजुरी, करम्मर, खरसरा, पचखोरा, जिगरीसर, हथौज, बहेरी आदि कई गांवों में घर की खिड़कियों के शीशे चटक गए। करम्मर निवासी राजेंद्र गुप्त के मकान की दीवार और फर्श पर दरारें पड़ गईं। फेफना प्रतिनिधि के अनुसार भूकंप से विद्यालयों में अफरातफरी मच गई।
विद्यालय प्रशासन ने सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और इसके कुछ देर बाद छुट्टी कर दी गई। नेटवर्क खराब होने के कारण बात स्पष्ट नहीं हो पा रही थी, या फिर अधूरी रह जा रही थी। सभी खुद से ज्यादा अपने घरवालों के लिए परेशान दिखाई दिए।
भूकंप के झटके से एकौनी स्थित सेंट थामस विद्यालय के दीवारों में दरारें पड़ गई।
रसड़ा प्रतिनिधि के अनुसार भूकंप के झटके से क्षेत्र के सनफ्लावर स्कूल की दीवार में दरार पड़ गई। हर कोई अपना घर छोड़ सड़क पर आ गया। रामलीला मैदान में सैकड़ों लोग जुट गए थे।