सावन के आखिरी सोमवार को नगर से लेकर ग्रामीणांचलों के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। भोर से ही भक्त भोले भंडारी की आराधना में लग गए। भांग, धतूरा, दूध, गंगाजल, भस्म, चंदन, फूल-माला, मिष्ठान आदि चढ़ाकर परिवार की मंगल की कामना की।
नगर के बालेश्वर मंदिर, कैलाश धाम तथा भृगु मंदिर में हजारों भक्तों ने मत्था टेका। इस दौरान बोल बम, जय शिवशंकर, जय भोले के जयकारे से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिरों पर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी।
नगर के बालेश्वर मंदिर, गोला रोड स्थित कैलाश धाम मंदिर, भृगु आश्रम मंदिर, मिड्ढी स्थित शिव मंदिरों में भक्तों ने मत्था टेका। नगर से सटे देवकली स्थित देवकलेश्वर मंदिर, नगरी स्थित नकटेश्वर मंदिर, निधरिया स्थित पंच शिव मंदिर, अगरसंडा तथा मिड्ढा स्थित शिव मंदिरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के कारो स्थित कामेश्वर धाम मंदिर, कोटवनारायणपुर स्थित बाबा मुक्तिनाथ मंदिर, रसड़ा स्थित लखनेश्वरडीह मंदिर, श्रीनाथ मंदिर, सहतवार स्थित पंच शिव मंदिर, दिउली स्थित बाबा बालखंडी नाथ, छितौनी स्थित छितेश्वर नाथ, बभनौली स्थित पारसनाथ, बड़सरी स्थित अवनी नाथ शिव मंदिरों पर भक्तों ने रेला उमड़ा रहा।