ददरी मेला के मीना बाजार में खरीदारी के लिए उमड़ी लोगों की भीड़। फाइल फोटो
बलिया। महर्षि भृगु के परम शिष्य दर्दर मुनि के नाम से हर साल कार्तिक मास में लगने वाले ऐतिहासिक ददरी मेले की तैयारी तेज हो गई है। शहर के दक्षिण छोर पर लगने वाला मेला 89 एकड़ भूमि में लगेगा। इसके लिए लगभग 800 से ज्यादा किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
यह मेला अपनी भव्यता और पशु बाजार के लिए जाना जाता है। नगर पालिका परिषद की तरफ से किसानों को उनकी भूमि के बदले उचित मुआवजा भी दिया जाता है। लगभग एक माह तक चलने वाले इस मेले में पहले पशु मेला का आयोजन किया जाता है। उसके बाद कार्तिक पूर्णिमा स्नान से मीना बाजार का मेला शुरू हो जाता है। इस मेले में गैर प्रांतों से काफी संख्या में व्यापारी आकर कारोबार करते हैं। उन्हें नगर पालिका परिषद की तरफ से भूमि उपलब्ध कराई जाती है।
मेला क्षेत्र के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल हजारों लोग इस मेले में शामिल होने आते हैं। मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल ने बताया कि मेले के आयोजन की तैयारी चल रही है। प्रशासन के सहयोग से मेले को भव्य तरीके से लगाया जाएगा।
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पिछले साल आयोजन को लेकर हुई थी रस्साकशी
पिछले साल ददरी मेला आयोजन को लेकर प्रशासन व नगर पालिका परिषद बलिया के अध्यक्ष संत कुमार उर्फ मिठाई लाल के बीच रस्साकशी का खेल चला था। मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष डीएम को बनाए जाने पर सभासद भी लामबंद हो गए थे। इसको लेकर राजनीतिक गलियारे में भी काफी हलचल बनी रही। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। मेला के बीच में ही उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष के पक्ष में अपना निर्णय दिया था।
वर्जन-
ददरी मेला के आयोजन संबंधित प्रक्रिया शुरू हो गई है। मेले का आयोजन उसकी भव्यता व संस्कृति के अनुसार आयोजित किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। लगभग 89 एकड़ भूमि मेले के लिए ली जाएगी। मेले के आयोजन को लेकर सभी विभागों को सहयोग लिया जाएगा।
-आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट व प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद बलिया।