ददरी मेला में विद्युत आपूर्ति के लिए लकड़ी के खंभा को ट्रैक्टर से खींचकर ले जाते मजदूर।संवाद
बलिया। 5 नवंबर से मीना बाजार मेले की शुरुआत हो जानी चाहिए थी लेकिन भूमि आवंटन में विलंब से तय समय पर मेला शुरू नहीं हो सका। अभी बिजली, पानी, शौचालय और मार्ग बनाने का काम चल रहा है। मेले में रोज 2000 लोगों के आने की संभावना है।
विलंब से भूूमि आवंटन व मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न होने से व्यापारियों को परेशानी हो रही है। प्रशासन की तरफ से व्यापारियों को भूमि आवंटन हो गया है लेकिन बृहस्पतिवार को भूमि पूजन होने के बाद प्रशासन मार्ग आदि की व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा रहा। झूलाें समेत दुकानों के लिए खंभे खड़े होने लगे हैं। मार्ग का निर्माण न होने से व्यापारियों को सामान अपनी जगह तक ले जाने में परेशानी हो रही है। हल्की ठंड के बीच दुकानदार अपनी दुकानों के तंबू आदि खड़े करने में दिन-रात लगे है। कुछ व्यापारी पुरानी जगह नहीं मिलने के कारण परेशान दिखे। वे प्रशासनिक कर्मचारियों का चक्कर काट रहे हैं।
ददरी मेला में स्ट्रीट वेंडरों की खुली नीलामी आज: ददरी मेला में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए निर्धारित स्थानों की खुली नीलामी 7 नवंबर को की जाएगी। यह नीलामी सुबह 11 बजे ददरी मेला स्थल स्थित कंट्रोल रूम में जिला स्तरीय समिति की उपस्थिति में संपन्न होगी। प्रशासन ने नीलामी से जुड़ी शर्तें भी जारी की हैं।
निर्देशों के अनुसार नीलामी की न्यूनतम बोली 5 लाख रुपये निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को 50 हजार रुपये की जमानत धनराशि जमा करनी होगी। सफल बोलीदाता वेंडरों से केवल 30 रुपये शुल्क ही ले सकेंगे, इससे अधिक शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी। सीआरओ त्रिभुवन ने बताया कि नीलामी की प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी, ताकि ददरी मेला में आने वाले वेंडरों और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
ददरी मेला में विद्युत आपूर्ति के लिए लकड़ी के खंभा को ट्रैक्टर से खींचकर ले जाते मजदूर।संवाद