बलिया। दोहरे हत्याकांड में जिरह के लिए कोर्ट में हाजिर नहीं होना तत्कालीन विवेचक इंस्पेक्टर को भारी पड़ा। विशेष न्यायाधीश (ई सी एक्ट) महेश चंद्र वर्मा की न्यायालय ने इंस्पेक्टर को घंटों न्यायिक अभिरक्षा में रखा। अंत में इंस्पेक्टर राज कुमार सिंह (वर्तमान मऊ क्राइम ब्रांच) को दस हजार रुपये के व्यक्तिगत बंध पत्र व अंडरटेकिंग देने के बाद रिहा करने का आदेश दिया। और जिरह प्रारंभ हुई।
खेजुरी थाना क्षेत्र के मासूमपुर गांव में चार मई 2020 की रात मामूली कहासुनी को लेकर फरदीन व आसिफ खान की हत्या हुई थी। दूसरे पक्ष के लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले में कार्यवाही विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा की अदालत में चल रही है। गवाही में लापरवाही बरतने की वजह से अदालत द्वारा विवेचक के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट के साथ ही फरारी उद्घोषणा के नोटिस का आदेश जारी हुआ था। सोमवार को सरकारी अधिवक्ता द्वारा जैसे ही कोर्ट में हाजिर कराया गया तो देखते ही अदालत ने तत्कालीन विवेचक इंस्पेक्टर को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया और काफी गुजारिश के उपरांत व्यक्तिगत बंध पत्र व अंडरटेकिंग दाखिल करने पर हिदायत देकर रिहा करने का आदेश दिया।