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समस्याएं लटकाने वालों पर नजर रखेगी समिति

Thu, 17 Dec 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
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प्रभारी जिलाधिकारी के. बालाजी ने कार्यालयाध्यक्षों को पेंशनरों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता पर कराने का कड़ा निर्देश दिया है। साथ ही पेंशन व अन्य देयकों के मामलों का निपटारा निर्धारित समयसीमा में करने का कहा है। प्रभारी डीएम ने पेंशनरों की समस्याओं को समयबद्ध रूप से निस्तारण की जरूरत पर बल दिया।
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गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पेंशनर दिवस में उन्होंने सचेत किया कि पेंशनरों की समस्याओं को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी डीएम ने कहा कि पेंशनर की जो भी समस्या अथवा शिकायत है उसे लिखित रूप से कोषागार में दें ताकि उसे वरिष्ठ कोषाधिकारी के माध्यम से सम्बन्धित विभाग को भेजा जा सके।


बालाजी ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिया कि वे संबन्धित विभाग से शिकायतों की समयबद्ध रिपोर्ट लेंगे। पेंशनर समिति के गठन के बारे में कहा कि इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के ज्यादा मामले होने पर कहा कि उस विभाग में एक अलग से प्रकोष्ठ भी बनेगा। 
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सीडीओ ने लोनिवि सहित अन्य विभागों में लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए एक समिति बनाने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि किस जिम्मेदार के कारण पेंशनरोें का मामला लंबित है, समिति इसके बारे में निर्णय लेगी।


प्रभारी डीएम ने अधिकारियों को यह भी नसीहत दी कि सभी को एक दिन सेवानिवृत्त होना है, लिहाजा पेंशनरों की समस्या को महसूस करें और निराकरण करायें। वरिष्ठ कोषाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया कि पेंशन के लिए समय सारणी निर्धारित है।


कार्यालयाध्यक्ष अपने कार्यालय के सेवानिवृत्त अधिकारी या कर्मचारी के देयकों का भुगतान नियमानुसार व समय से कर दें। श्री सिंह ने बताया कि कुल 27 हजार पेंशनर है जिनमें दो हजार पांच सौ इक्कीस पेंशनरों की उम्र 80 वर्ष से अधिक है। बताया कि पेंशनरों की सुविधा के लिए कोषागार में रैम्प का निर्माण हो गया है।


व्हीलचेयर की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बारे में शासनादेश का हवाला देते हुए बताया कि आहरण वितरण अधिकारी जिस प्रकार अन्य देयकों को कोषागार से आहरित करने की प्रक्रिया अपनाते है, उसी प्रकार पेंशनर के चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों को भी कोषागार से पारित कराकर उनके बैंक खाते में भेजवायें।


यदि अभिलेखों में पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर की जन्मतिथि का उल्लेख न हो तथा केवल आयु का उल्लेख हो तो उसके आधार पर जिस वर्ष की पहली जनवरी को उसकी आयु 80 वर्ष, 85 वर्ष इत्यादि पूर्ण हो रही हो, उसे उस वर्ष की पहली जनवरी से अतिरिक्त पेंशन देय होगी।


इस अवसर पर पेंशनरों एवं पेंशनर संगठन ने पेंशनरों की समस्याओं की ओर कार्यालयाध्यक्षों का ध्यान आकर्षित किया। पेंशनरों ने पेंशनर कक्ष की व्यवस्था कराने तथा जिला चिकित्सालय में एक अलग काउण्टर खोलने की मांग रखी।


सीएमओ डॉ.पीके सिंह ने पेंशनरों से अनुरोध किया कि अपनी समस्याओं को बतायें, उसे सूचीबद्ध करके समय से निराकरण करा दिया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मेें एक प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है। बैठक में पेंशनरों के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट व सभी कार्यालयाध्यक्ष मौजूद थे।
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