बलिया। परिषदीय स्कूलों को दिसंबर 2023 तक निपुण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों की ग्रेडिंग शुरू हो गई है। ग्रेडिंग के अनुसार ही स्कूलों को लाल, पीले व हरे रंग में बांटा जाएगा। साथ ही तय किया जाएगा कि संबंधित स्कूल के विद्यार्थी कितने होशियार हैं।
जिले में 2249 परिषदीय स्कूल संचालित हो रहे हैं। प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों को निपुण लक्ष्य के तहत पढ़ाया जा रहा है। दिसंबर 2023 तक इन बच्चों को हिंदी और गणित में निपुण बनाने की कवायद जारी है। वहीं दूसरी ओर परिषद ने परिषदीय स्कूलों की निपुण ग्रेडिंग भी शुरू कर दी है। डीएलएड प्रशिक्षुओं को स्कूलों की निपुण लक्ष्य की प्रगति की जांच के लिए निर्देशित किया गया है। इसमें प्रगति के हिसाब से स्कूलों को तीन रंगों की श्रेणी में बांटा जाएगा। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि निपुण लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास कराए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर में काफी सुधार आया है।
कक्षा एक में विद्यार्थी हिंदी में पांच सरल शब्दों में बनें वाक्य पढ़ सकते हैं, गणित में एक अंक के जोड़ और घटाना आता हो। कक्षा दो में हिंदी में 45 शब्द प्रति के प्रवाह में पढ़ना आता हो। कक्षा तीन में हिंदी में 60 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ना आता हो, गणित में तीन अंकीय जोड़ घटाना और दो अंक का गुणा आना चाहिए।
रंग श्रेणी के आधार पर निपुण विद्यार्थियों को प्रतिशत
- लाल संघर्षशील 50 प्रतिशत से कम निपुण
- पीला मध्यम 50 से 80 प्रतिशत निपुण
- हरा सक्षम 80 प्रतिशत तक निपुण